शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की 119वीं जयंती पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और देश के दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को उनकी 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भगत सिंह को भारत के पराक्रम, साहस और गौरव का अमर प्रतीक बताया, जिनका जीवन हर पीढ़ी में देशभक्ति की भावना को जागृत करता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर पंजाब में भगत सिंह की जड़ों और राष्ट्र की स्मृति में उनके स्थान को याद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की माटी में जन्मे और कम उम्र में देश के लिए उनका संकल्प तथा मां भारती के प्रति असीम प्रेम ने पूरे देश में स्वतंत्रता की अलख जगाई।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और लोकसभा अध्यक्ष ओम Birla ने भी शहीद भगत सिंह को याद किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें युवा चेतना, वैचारिक साहस और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कम उम्र में देश की स्वतंत्रता और व्यापक सामाजिक परिवर्तन को अपने जीवन का उद्देश्य बनाने वाले भगत सिंह का बलिदान भारतीय इतिहास की अमर गाथा है जिसे राष्ट्र हमेशा सम्मान के साथ याद रखेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी वीडियो संदेश और सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बंगा में हुआ था। वह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रमुख क्रांतिकारियों में उभरे। 8 अप्रैल 1929 को औपनिवेशिक कानून के विरोध में भगत सिंह और बटुकश्वर दत्त ने दिल्ली में सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली के अंदर बम फेंके थे। इसके बाद उन्होंने जानबूझकर आत्मसमर्पण कर दिया ताकि ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपना संदेश देश तक पहुंचा सकें। बाद में उन्हें लाहौर षड्यंत्र मामले में दोषी ठहराया गया और 23 मार्च 1931 को मात्र 23 वर्ष की आयु में शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर के साथ फांसी दे दी गई।