दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने 'लक्ष्मी योजना' को बताया ऐतिहासिक, महिलाओं के लिए 5,100 करोड़ रुपये आवंटित

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया है और इसके क्रियान्वयन के लिए 5,100 करोड़ रुपये के भारी प्रावधान की घोषणा की है। 10 अगस्त 2026 को दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान, सीएम गुप्ता ने दिल्ली की महिलाओं से किए गए वादों को पूरा करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। दिल्ली सरकार ने अपने 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 5,110 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।
इस योजना की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- सीएम रेखा गुप्ता ने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक बताया।
- योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि बजट में 5,110 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे।
- 1 अगस्त 2026 को आधिकारिक रूप से लॉन्च हुई इस योजना के तहत 8 अगस्त 2026 तक 5.14 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन और 2,18,728 आवेदन जमा हुए।
- पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे।
योजना की शुरुआत और प्रतिक्रिया
1 अगस्त 2026 को आधिकारिक रूप से लॉन्च की गई इस योजना को शुरुआत में ही शानदार प्रतिक्रिया मिली है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 तक इसके तहत 5.14 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन और 2,18,728 आवेदन जमा हो चुके हैं, जिसमें नॉर्थ-ईस्ट जिले में सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए (Source: ANI)। योजना के तहत पात्र महिलाओं की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए, वे अपने परिवार में सबसे बड़ी होनी चाहिए, उनकी पारिवारिक वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और वे कम से कम दस वर्षों से दिल्ली की निवासी होनी चाहिए। लाभार्थियों को दैनिक खर्चों के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट और रिकरिंग/फिक्सड डिपॉजिट के विकल्पों के साथ हर महीने 2,500 रुपये मिलेंगे, या फिर पूरी राशि लॉन्ग-टर्म सेविंग्स के लिए भेजी जाएगी (Source: Delhi WCD)।
राजनीतिक विरोध और बयान
हालांकि, यह योजना राजनीतिक विवाद का कारण भी बन गई है। मुख्यमंत्री की घोषणा के उसी दिन, बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विरोध के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें उस विधानसभा सत्र का बहिष्कार करना भी शामिल था जहाँ इस योजना पर चर्चा की गई थी (Source: ANI)। रिपोर्ट्स के अनुसार, AAP ने दस साल की रेजिडेंसी की शर्त और आवेदन के लिए MLA/MP रिकमंडेशन लेटर की आवश्यकता जैसे विशिष्ट पात्रता मानदंडों पर आपत्तियां उठाई हैं। सीएम गुप्ता ने ऐतिहासिक प्रतिक्रिया पर जोर देते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक उत्थान के प्रति सरकार के समर्पण में महिलाओं के भरोसे को दर्शाती है, जबकि मंत्री आशीष सूद ने लाभार्थियों की वित्तीय स्थिति में काफी सुधार करने की इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला (Source: ANI)।