दिल्ली की हवा में बड़ा सुधार: 2026 में अब तक 211 दिन रही साफ हवा, 2016 के बाद सबसे बेहतर प्रदर्शन

देश की राजधानी दिल्ली के लिए एक राहत भरी खबर आई है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिला है और साल 2026 में अब तक 211 दिन हवा 'साफ' दर्ज की गई है। यह 2016 के बाद शहर का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन है, अगर हम कोविड-19 से प्रभावित साल 2020 को छोड़ दें। खास बात यह है कि साल खत्म होने में अभी दो महीने से ज्यादा का समय बाकी है, लेकिन दिल्ली ने पिछले कई सालों के सालाना रिकॉर्ड को पहले ही पीछे छोड़ दिया है।
आंकड़ों की तुलना करें तो 2025 में 200 दिन, 2024 में 209 दिन और 2023 में 206 दिन हवा साफ रही थी। वहीं 2018 में यह संख्या 159 और 2016 में महज 110 दिन थी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इस उपलब्धि का श्रेय सरकार की समन्वित रणनीति को दिया है। उन्होंने बताया कि 2016 की तुलना में 'अच्छी से मध्यम' श्रेणी वाली हवा के दिनों में 101 दिनों की भारी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 'खराब', 'बहुत खराब' और 'गंभीर' श्रेणी के दिनों की संख्या जो 2016 में 168 थी, वह 2026 में घटकर केवल 79 रह गई है।
प्रदूषण कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
सरकार ने हवा को शुद्ध रखने के लिए कई स्तरों पर काम किया है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए गए हैं:
- सड़कों की मशीनीकृत सफाई और पानी का छिड़काव।
- एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल और सड़कों का पुनर्विकास।
- निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण के कड़े नियम।
- औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी और खुले में कचरा जलाने पर रोक।
- सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार।
इस पूरी मुहिम में तकनीक का भी बड़ा हाथ रहा है। हाल ही में स्थापित AI-आधारित 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' के जरिए प्रदूषण की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। यह सेंटर अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाने, शिकायतों के निवारण और सख्त कार्रवाई करने में मदद कर रहा है। मंत्री सिरसा ने जोर देकर कहा कि यह सफलता वैज्ञानिक निगरानी, निरंतर सतर्कता और सरकार के साथ दिल्ली के निवासियों के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है।