दिल्ली में 10 साल में सबसे साफ रहा अक्टूबर,NCR में मिले 220 स्वच्छ हवा वाले दिन: मंजिंदर सिंह सिरसा
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि शहर में 10 साल में सबसे साफ अक्टूबर रहा और 220 दिन स्वच्छ हवा मिली।

राजधानी दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के लिए हवा की गुणवत्ता के मोर्चे पर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया है कि इस साल दिल्ली ने पिछले एक दशक का सबसे स्वच्छ अक्टूबर देखा है। उन्होंने बताया कि साल 2026 में NCR क्षेत्र में 220 दिन 'क्लीन-एयर डेज' रहे, जो पिछले 10 सालों का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।
मंगलवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री सिरसा ने कहा कि इस साल औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में पिछले वर्षों के मुकाबले 10 प्रतिशत का सुधार देखा गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले एक दशक में औसत AQI का स्तर सबसे कम रहा है, जो शहर में प्रदूषण से लड़ने के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। सिरसा ने रेखा गुप्ता और दिल्ली की जनता के साझा प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शहर अब धीरे-धीरे प्रदूषण के प्रभाव से उबर रहा है।
पंजाब सरकार और पराली जलाने पर साधा निशाना
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए मंत्री सिरसा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है और वहां के पुलिस व सरकारी अधिकारी इस काम में मदद कर रहे हैं। सिरसा ने आरोप लगाया कि एक तरफ किसानों से पराली जलवाई जा रही है और दूसरी तरफ उन पर केस दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली से एक राजनीतिक प्रवक्ता को वहां की कमान सौंपी गई है, ताकि प्रदूषण के वास्तविक आंकड़ों में हेरफेर किया जा सके और सच्चाई को छुपाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नियुक्ति केवल डेटा को बदलने के लिए की गई है।
पर्यावरण मंत्री ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया से अपील की कि वे दिल्ली के सुधार कार्यों में बाधा न डालें। उन्होंने बताया कि दिल्ली में अब तक 13,000 से अधिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं और लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपना रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब में लगाई गई आग एक बार फिर दिल्ली की हवा को खराब कर सकती है, इसलिए इस दिशा में गंभीरता से काम करने की जरूरत है।