दिल्ली सरकार अगस्त 2026 तक लाएगी 'चाइल्ड बैगर-फ्री' कैंपेन, बच्चों के रेस्क्यू और शिक्षा पर होगा जोर

दिल्ली सरकार सभी 13 जिलों में "Child Beggar-Free Delhi" कैंपेन शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह बड़ा अभियान संभावित रूप से 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के आसपास शुरू होगा। इस विस्तृत पहल का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों और मुख्य सड़क चौराहों पर भीख मांगते पाए जाने वाले बच्चों की रक्षा करना और उन्हें सुरक्षित विकल्प तथा पुनर्वास प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री और अधिकारियों के निर्देश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक गैर-बलपूर्वक दृष्टिकोण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कैंपेन बच्चों को जबरन हटाने के बजाय परिवारों की काउंसलिंग करने और बेहतर विकल्प देने पर ध्यान केंद्रित करेगा। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) के अध्यक्ष ओ.पी. व्यास ने स्वतंत्रता दिवस पर लॉन्च होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि योजना के चरण के दौरान जनता की प्रतिक्रिया पर भी विचार किया गया था। सरकार परिवारों की कठिनाइयों को समझने और व्यापक सहायता प्रदान करने के लिए DCPCR और विभिन्न Non-Governmental Organizations (NGOs) के साथ मिलकर काम करने की योजना बना रही है।
गैंग पर कार्रवाई और बच्चों का भविष्य
रणनीति के एक महत्वपूर्ण हिस्से में उन संगठित गैंग्स को निशाना बनाना शामिल है जो भीख मांगने के लिए बच्चों का शोषण करते हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इन नेटवर्क की पहचान करने, जांच करने और जबरन भीख मांगने के चक्र को तोड़ने के लिए इन्हें खत्म करने का काम सौंपा गया है। भीख मांगने से बचाए गए बच्चों को देखभाल और सुरक्षा मिलेगी, जिसमें छोटे बच्चों के लिए औपचारिक शिक्षा और बड़े बच्चों के लिए स्किल ट्रेनिंग का प्रावधान होगा।
व्यापक उद्देश्य और नागरिकों की भागीदारी
व्यापक उद्देश्य बच्चों को शिक्षा और देखभाल प्रणालियों में शामिल करना है, साथ ही परिवारों की बाल आय पर निर्भरता के कारणों को भी दूर करना है। इसके अलावा नागरिकों को कैंपेन के लिए सुझाव देने के लिए भी आमंत्रित किया गया है।