दिल्ली के छौला में जहरीली गैस का कहर: सेप्टिक टैंक में घुसे 4 लोग, एक की मौत

दिल्ली के छौला इलाके में सेप्टिक टैंक से निकली जहरीली गैस ने ली एक की जान, तीन अन्य घायल। जानें क्या था पूरा मामला।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली के छौला में जहरीली गैस का कहर: सेप्टिक टैंक में घुसे 4 लोग, एक की मौत

राजधानी दिल्ली के द्वारका स्थित छौला इलाके में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक निर्माणाधीन साइट पर सेप्टिक टैंक से निकली जहरीली गैस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब मजदूर एक अंडरग्राउंड सेप्टिक टैंक से शटरिंग हटाने का काम कर रहे थे। सबसे पहले 22 साल का मजदूर विनोद टैंक के अंदर गया, लेकिन वहां जमा जहरीली गैस के कारण वह अचानक बेहोश होकर गिर गया। उसे बचाने की कोशिश में तीन और लोग टैंक के अंदर उतरे, जिनमें प्रॉपर्टी मालिक भाई चंद्रशेखर और 42 वर्षीय सुरेंद्र सिंह भी शामिल थे। वे भी गैस के असर से बेदम होकर वहीं गिर पड़े।

बचाव के प्रयास में contractor ने गंवाई जान

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इस संकट की घड़ी में 38 वर्षीय ठेकेदार मदन पंडित ने साहस दिखाते हुए अन्य लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। मदन ने बाकी साथियों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन खुद जहरीली गैस की चपेट में आ गया। आनन-फानन में मदन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

स्थानीय पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि टैंक के अंदर इतनी जहरीली गैस कैसे जमा हुई और क्या काम के दौरान जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

गौरतलब है कि दिल्ली में इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं। जून में मुंडका और जुलाई 2025 में इसी छौला इलाके में सेप्टिक टैंक से जुड़े हादसे सामने आए थे, जो बंद जगहों (Confined Spaces) में काम करने वाले मजदूरों के लिए बढ़ते खतरों की ओर इशारा करते हैं।

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