दिल्ली में इस बार बनेंगे 1400 से ज्यादा छठ घाट, CM ने 6 नवंबर तक काम पूरा करने का दिया अल्टीमेटम
दिल्ली में छठ पूजा के लिए 1400 से अधिक घाट बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने 6 नवंबर तक तैयारियां पूरी करने और 16 नवंबर को छुट्टी का ऐलान किया है।

राजधानी दिल्ली में छठ महापर्व की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि छठ पूजा के लिए बनाए जाने वाले घाटों की प्राथमिक तैयारियां 6 नवंबर तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
इस साल दिल्ली में छठ पूजा के लिए 1400 से अधिक घाट तैयार किए जाएंगे, जो पिछले साल के 1326 घाटों की तुलना में अधिक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 नवंबर तक केवल पानी भरने, टेंट लगाने और अंतिम सफाई का काम ही शेष रहना चाहिए। साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि 16 नवंबर (सोमवार) को उषा अर्घ्य के बाद सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में तय किया गया कि बड़े और मध्यम आकार के घाटों पर कवर वाले टेंट लगाए जाएंगे। महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और शौचालयों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। 15 और 16 नवंबर को सफाई कर्मचारी 24 घंटे तैनात रहेंगे ताकि कचरे का तुरंत निपटान हो सके। इसके अलावा, घाटों तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत कराई जाएगी और धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा।
सुरक्षा के लिहाज से भीड़भाड़ वाले घाटों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और दिल्ली पुलिस व ट्रैफिक पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर पार्किंग और रूट डायवर्जन की योजना बनाई जाएगी। आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए प्रमुख स्थानों पर फायर टेंडर भी तैनात रहेंगे।
खास बात यह है कि इस बार विदेशी राजदूतों और हाई कमिश्नरों को भी छठ उत्सव में आमंत्रित किया जाएगा, जिसके लिए ICCR के साथ समन्वय किया जा रहा है। मॉडल घाटों पर स्वागत द्वार और LED स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनमें छठ पूजा और दिल्ली सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दिखाई जाएगी।
बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे मंत्रालय और ISBT के साथ समन्वय किया जाएगा, ताकि स्टेशनों और बस अड्डों पर व्यवस्था बनी रहे। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और कई विधायक समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।