दिल्ली-चेन्नई एक्सप्रेसवे का काम शुरू: 7 राज्यों को जोड़ने वाला बनेगा 2,200 किमी लंबा कॉरिडोर

देश की राजधानी दिल्ली को दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई से जोड़ने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। दिल्ली चेन्नई एक्सप्रेसवे का यह कॉरिडोर करीब 2,200 किलोमीटर लंबा होगा, जो न केवल यात्रा के समय को कम करेगा बल्कि देश के सात अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक सूत्र में पिरोएगा। यह प्रोजेक्ट लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट के नजरिए से एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है।
इस विशाल नेटवर्क के जरिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को जोड़ा जाएगा। इस कॉरिडोर की सबसे खास बात यह है कि इसमें पहले से मौजूद और निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें यमुना एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और हैदराबाद-चेन्नई एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण रास्तों को इंटीग्रेट किया जाएगा, जिससे सफर और भी सुगम हो जाएगा।
इन शहरों और रास्तों से गुजरेगा नया कॉरिडोर
अगर आंध्र प्रदेश के हिस्से की बात करें, तो यह रूट नालगोंडा, गुंटूर, अमरावती, ओंगोल और नेलोर जैसे महत्वपूर्ण इलाकों से होकर गुजरेगा, जिसके बाद यह चेन्नई और नेशनल हाईवे 16 (NH-16) से जुड़ जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभरेगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी से चेन्नई के बीच सफर करने वाले यात्रियों को एक तेज और आधुनिक ट्रांजिट रूट मिलेगा। अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्टों के अनुसार, इस कॉरिडोर को एक बड़े लॉजिस्टिकल पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे माल ढुलाई और व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी।