दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची संशोधन पर दी सफाई, बिना सुनवाई नहीं कटेगा नाम

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मंगलवार, 23 सितंबर 2026 को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2026 प्रक्रिया को लेकर एक औपचारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मतदाताओं को नोटिस जारी होने का मतलब मतदाता सूची से नाम का स्वचालित रूप से काटा जाना नहीं है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति को सुने बिना उसका नाम नहीं हटाया जाएगा और एक उचित, अपील करने योग्य स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया जाएगा ANI News। यह स्पष्टीकरण ECINET सिस्टम में डेटा विसंगतियों के कारण जारी किए गए सिस्टम-जनरेटेड नोटिसों को लेकर चिंता के बाद आया है। 19 सितंबर 2026 तक कुल 31,63,913 नोटिस जनरेट किए गए थे। इन नोटिसों की सुप्रीम कोर्ट ने जांच की, जिसने चिंता व्यक्त की थी कि ये संचार मशीन-जनरेटेड प्रतीत होते हैं और इनमें पर्याप्त विवेक का अभाव था। कार्यवाही के दौरान, चुनाव आयोग के प्रतिनिधि श्री नायडू ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि इन नोटिसों के निपटान की 29 अक्टूबर 2026 की समय सीमा बढ़ाई जा सकती है और बिना निर्धारित कारणों के कोई विलोपन नहीं होगा NewsOnAIR।
घर-घर सत्यापन और ड्राफ्ट मतदाता सूची
SIR अभ्यास, जिसका उद्देश्य मतदाता रजिस्टर की सटीकता सुनिश्चित करना है, में 30 जून से 17 अगस्त 2026 तक बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा किया गया घर-घर सत्यापन चरण शामिल था। ड्राफ्ट मतदाता सूची आधिकारिक तौर पर 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित की गई थी। इस संशोधन के दौरान नोटिस प्राप्त करने वालों में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हैं। जनता सीईओ दिल्ली की वेबसाइट, मतदाता पोर्टलों या निर्दिष्ट मतदान केंद्रों के माध्यम से ड्राफ्ट मतदाता सूची और अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (ASDD) मतदाताओं की सूचियों तक पहुंच सकती है।
अंतिम मतदाता सूची की प्रकाशन तिथि
नागरिकों को वर्तमान में चल रही समय सीमा तक फॉर्म 6 के माध्यम से दावे या आपतत्तियां दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 नवंबर 2026 को निर्धारित है। सभी संबंधित नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी प्रक्रिया पूरी करें।