नयी दिल्ली, 23 सितंबर (एएनआई): दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2026 के तहत तैयार मसौदा मतदाता सूची पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने का मतलब मतदाता का नाम काटना नहीं है। मतदाताओं को जवाब देने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का पूरा अवसर दिया गया है। एक प्रेस नोट के अनुसार, यह मसौदा मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित की गई थी। यह सूची बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को दिए गए प्रपत्रों में मतदाताओं द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। मंगलवार को यह जानकारी दी गई कि मसौदा सूची वेबसाइट, विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ/एईआरओ कार्यालयों और सभी नामित मतदान केंद्र स्थानों पर उपलब्ध है। नागरिक इसे निर्वाचन आयोग के पोर्टल से देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
घर-घर जाकर किए गए सर्वेक्षण के दौरान तैयार की गई अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहराए गए (ASDD) मतदाताओं की सूची भी सीईओ दिल्ली की वेबसाइट पर उपलब्ध है। सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं का पिछले एसआईआर से लिंक स्थापित नहीं हो सका या रिकॉर्ड में विसंगतियां थीं, उन्हें वर्तमान में नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
जिन मतदाताओं को नोटिस मिले हैं, वे संबंधित ईआरओ या एईआरओ के पास अपने जवाब और दस्तावेज जमा कर सकते हैं। आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों की सूची केवल सांकेतिक है और अंतिम निर्णय ईआरओ/एईआरओ द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर लिया जाएगा। नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं की सूची कारणों सहित वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी गई है।
सीईओ कार्यालय ने कहा है कि उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना मसौदा मतदाता सूची से किसी का नाम नहीं काटा जाएगा।
संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने और अपील करने का अवसर दिया जाएगा। नोटिस के निस्तारण की समय सीमा 29 अक्टूबर 2026 है और अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। जिन लोगों के नाम सूची से गायब हैं, वे 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 भरकर जमा कर सकते हैं। फॉर्म ऑफलाइन या ऑनलाइन मोड के जरिए
https://voters.eci.gov.in और ईसीआईएनईटी मोबाइल ऐप पर जमा किए जा सकते हैं। अधिकतम नामांकन के लिए 27 सितंबर 2026 को विशेष शिविर की योजना बनाई गई है। बेघर, ट्रांसजेंडर्स और सेक्स वर्कर के लिए 23 और 24 सितंबर को विशेष शिविर आयोजित किए गए हैं। जनता से अपील की गई है कि वे 30 सितंबर 2026 तक चुनावी सेवाओं का लाभ उठाएं। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 और 18 के तहत एक से अधिक जगह नाम रखना दण्डनीय अपराध है, और मतदाता फॉर्म-7 के माध्यम से एकाधिक प्रविष्टियों को हटाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।