पीएम मोदी के 25 साल के 'जन सेवा' सफर को दिल्ली कैबिनेट ने दी बधाई, पारित किया विशेष प्रस्ताव

दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के सफर 'जन सेवा से राष्ट्र सेवा' को सम्मान देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि दिल्ली कैबिनेट ने सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए एक बधाई प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दिल्ली के ढाई करोड़ निवासियों की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि फरवरी 2025 में सरकार बनने के बाद से उनका पूरा ध्यान केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने और राजधानी के विकास की रफ्तार बढ़ाने पर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली को मिले लाभों का विस्तृत ब्यौरा साझा किया।
स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण योजनाओं का बड़ा असर
स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली के पात्र नागरिकों को 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है, जिसमें 5 लाख केंद्र और 5 लाख दिल्ली सरकार दे रही है। अब तक 9 लाख से अधिक लोग इस योजना से जुड़े हैं और करीब 85,000 दावों के तहत 118 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा, 70 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 3 लाख बुजुर्ग 'वय वंदना योजना' के तहत पंजीकृत हुए हैं।
शहर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करते हुए 415 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं, जिन्हें बढ़ाकर 1,100 करने का लक्ष्य है। साथ ही, प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के जरिए सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। आवास के क्षेत्र में 'जहाँ झुग्गी, वहाँ मकान' पहल के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना पर काम चल रहा है।
अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हैं:
- उज्ज्वला योजना: करीब 3 लाख गैस कनेक्शन प्रदान किए गए।
- गरीब कल्याण अन्न योजना: दिल्ली के लगभग 73 लाख परिवारों को मुफ्त राशन मिल रहा है।
- स्वच्छ भारत और AMRUT: सीवर नेटवर्क और यमुना की सफाई के लिए क्रमशः 1,200 करोड़ और 830 करोड़ रुपये की मदद मिली।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर: पिछले 12 वर्षों में सड़कों पर 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जिसमें दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
परिवहन के क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 2014 के 228 किलोमीटर से बढ़कर अब 1,155 किलोमीटर हो गया है, जिससे NCR में रोजाना 85 लाख यात्री सफर कर रहे हैं। दिल्ली की सड़कों पर अब करीब 5,300 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण से करीब 45 लाख लोगों को फायदा होगा। इसके अलावा, भारत मंडपम और यशोभूमि जैसे केंद्रों ने दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेजबानी की क्षमता को बढ़ाया है। प्रशासन में सुधार के लिए आरबीआई की मंजूरी के बाद अब दिल्ली अपना अलग बैंक खाता संचालित कर बाजार से कर्ज ले सकती है, जिससे वित्तीय व्यवस्था और मजबूत हुई है।