दिल्ली कैबिनेट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल पर की चर्चा, कारोबार शुरू करना होगा आसान

Kittu Kumari8 August 20262 min read42 viewsDelhi Local
दिल्ली कैबिनेट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल पर की चर्चा, कारोबार शुरू करना होगा आसान

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में 'Delhi Ease of Doing Business Bill, 2026' के ड्राफ्ट पर चर्चा की गई। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य व्यापक सुधार लागू करना है, जिससे दिल्ली को देश में बिजनेस स्थापित करने और चलाने के लिए सबसे आसान जगह बनाया जा सके। इस पहल से राजधानी में नए निवेश आने, औद्योगिक विस्तार होने और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

  • मुख्यमंत्री ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह बिल भारत सरकार की कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन पहल (फेज-II) और Jan Vishwas Bill, 2023 की भावना के अनुरूप है।
  • दिल्ली सरकार उद्योगों और निवेशकों के लिए एक आधुनिक, पारदर्शी और निवेश के अनुकूल सिस्टम विकसित करने की दिशा में अहम कदम उठा रही है।
  • इस प्रस्तावित कानून का मकसद व्यवसायों को विभिन्न स्वीकृतियों, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और परमिट के लिए कई विभागों में जाने की जरूरत को खत्म करना है।

सिंगल-विंडो सिस्टम और नोडल एजेंसी

इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए एक Single-Window System स्थापित किया जाएगा, जिससे अधिकांश बिजनेस सर्विसेज एक ही ऑनलाइन पोर्टल पर सेंट्रलाइज्ड हो जाएंगी। बिल्डिंग निर्माण स्वीकृतियों, फैक्ट्री लाइसेंस, फायर क्लियरेंस, यूटिलिटी कनेक्शन (पानी, सीवर, बिजली), RERA रजिस्ट्रेशन और कोऑपरेटिव सोसाइटी रजिस्ट्रेशन जैसी सेवाएं तय समय सीमा के भीतर इस पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। पूरी प्रक्रिया के लिए Delhi State Industrial and Infrastructure Development Corporation (DSIIDC) एकमात्र नोडल एजेंसी होगी, जो सभी संबंधित विभागों और नागरिक निकायों के साथ तालमेल बिठाएगी।

डीम्ड अप्रूवल और सेल्फ-सर्टिफिकेशन की सुविधा

इस बिल की एक मुख्य विशेषता 'Deemed Approval' सिस्टम है, जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय अवधि के भीतर फैसला न किए जाने पर अपने आप अप्रूवल, रजिस्ट्रेशन या No Objection Certificate (NOC) दे देगा। इससे देरी और आवेदनों के अनावश्यक पेंडिंग रहने की समस्या खत्म होगी। इसके अलावा, कम जोखिम वाली गतिविधियों के लिए सेल्फ-सर्टिफिकेशन शुरू किया जाएगा, जिससे फायर सेफ्टी, बिल्डिंग प्लान अप्रूवल, प्रदूषण परमिट और लो-टेंशन बिजली कनेक्शन जैसे प्रोसेस सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर पूरे किए जा सकेंगे।

इससे छोटे और कम जोखिम वाले उद्यम बिना किसी अनावश्यक देरी के अपना कामकाज शुरू कर सकेंगे। जो बिजनेस पहले से GST, FSSAI, MSMED Act या Labor Codes के तहत रजिस्टर्ड हैं, उन्हें अलग से ट्रेड, हेल्थ ट्रेड, ईटिंग हाउस या Shops & Establishments रजिस्ट्रेशन की जरूरत से छूट दी जाएगी। इसके अलावा, सामान्य परिस्थितियों में नए रजिस्ट्रेशन को तीन साल तक रूटीन इंस्पेक्शन का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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