दिल्ली कैबिनेट ने पास किया प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल, स्टूडेंट्स को मिलेगा 25% रिजर्वेशन और फीस में छूट

दिल्ली कैबिनेट ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में "दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल, 2026" को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण कानून का उद्देश्य दिल्ली में प्राइवेट हायर एजुकेशन को नियंत्रित करने के लिए एक आधुनिक और पारदर्शी कानूनी ढांचा तैयार करना है। इस खबर से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए आप original content देख सकते हैं।
आरक्षण और फीस में छूट के नियम
नए अप्रूव्ड बिल के तहत, प्राइवेट यूनिवर्सिटी के हर कोर्स में दिल्ली के स्टूडेंट्स के लिए 25% सीटें रिजर्व होंगी। एडमिशन दिल्ली सरकार की मौजूदा रिजर्वेशन पॉलिसी के अनुसार होंगे। इसके अलावा, मेरिट-कम-मींस स्कॉलरशिप के तहत दिल्ली के 5% स्टूडेंट्स को पूरी फीस माफी, 10% स्टूडेंट्स को 50% फीस छूट और बाकी 10% स्टूडेंट्स को 25% फीस छूट मिलेगी। साथ ही, प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को एडमिशन के समय अपनी पूरी फीस स्ट्रक्चर की जानकारी देनी होगी और कोर्स के दौरान फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। क्वालिटी स्टैंडर्ड, एडमिशन और गवर्नेंस की निगरानी के लिए एक नई दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटीज रेगुलेटरी अथॉरिटी बनाई जाएगी। यूनिवर्सिटीज को यूजीसी (UGC) और एनईपी 2020 (NEP 2020) के नियमों का पालन करना होगा।
विधानसभा में पेश होगा बिल
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि इस कानून का उद्देश्य दिल्ली के स्टूडेंट्स का बाहर पढ़ाई के लिए जाने का ट्रेंड रोकना है, ताकि दिल्ली को हायर एजुकेशन का नेशनल और इंटरनेशनल हब बनाया जा सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 25% सीट रिजर्वेशन से स्थानीय निवासियों को पूरा फायदा मिलेगा। यह बिल अगले हफ्ते विचार और पास होने के लिए दिल्ली विधानसभा में पेश किया जाएगा।