Delhi Cabinet का बड़ा फैसला: Ease of Doing Business Bill 2026 को मंजूरी, व्यापार होगा आसान

दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को राजधानी में बिजनेस को बहुत आसान बनाने के लिए ड्राफ्ट 'Ease of Doing Business Bill, 2026' को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उद्यमियों के लिए नियमों को सरल बनाने और अप्रूवल प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया गया। इस नए बिल को अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और कानून बनने के लिए Union Home Ministry के पास भेज दिया गया है (Source)।
कम जोखिम वाले उद्योगों के लिए Self-Certification सिस्टम
इस प्रस्तावित बिल की मुख्य विशेषता कम जोखिम वाले उद्योगों के लिए self-certification system शुरू करना है, जिसमें फायर सेफ्टी, बिल्डिंग प्लान, पॉल्यूशन और लो-टेंशन बिजली कनेक्शन के अप्रूवल शामिल हैं। इसके जरिए छोटे और कम जोखिम वाले बिजनेस बिना किसी देरी के अपना काम शुरू कर सकेंगे। इसके अलावा, बड़े बिजनेस अप्रूवल, रजिस्ट्रेशन, NOC और यूटिलिटी कनेक्शन के लिए एक सिंगल ऑनलाइन पोर्टल के जरिए 'Single Window System' का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें 'deemed approval' का प्रावधान भी है, जिसके तहत तय समय सीमा के भीतर अधिकारी का फैसला न आने पर आवेदन अपने आप मंजूर हो जाएगा और आवेदक ऑनलाइन अप्रूवल डाउनलोड कर सकेंगे (Source)।
3 साल तक नहीं होंगी रूटीन चेकिंग और कई रजिस्ट्रेशन से छूट
कानूनी झंझटों को कम करने के लिए बिल में यह तय किया गया है कि रजिस्ट्रेशन के बाद पहले तीन साल तक लो-रिस्क बिजनेस के लिए कोई routine inspections नहीं होंगी, और जांच केवल गंभीर शिकायतों पर ही की जाएगी। जिन उद्यमों का रजिस्ट्रेशन पहले से GST, FSSAI, MSMED Act या Labour Codes के तहत है, उन्हें अलग से ट्रेड, हेल्थ ट्रेड, ईटिंग हाउस या Shops and Establishments रजिस्ट्रेशन लेने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि इस बिल का उद्देश्य उद्यमियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय अपने बिजनेस को बढ़ाने पर ध्यान देने देना है। यह बिल भारत सरकार की Compliance Reduction and Deregulation Initiative (Phase II) और Jan Vishwas Bill, 2023 के अनुरूप है। इस प्रक्रिया में Delhi State Industrial and Infrastructure Development Corporation (DSIIDC) नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी, जबकि DSIIDC और Delhi Development Authority (DDA) को बिल के आगे बढ़ने से पहले इसके implementation rules तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।