दिल्ली कैबिनेट की बड़ी घोषणा: महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए दुर्गा योजना को मंजूरी

दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स की भागीदारी बढ़ाने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट ने 23 सितंबर 2026 को 'ड्राइविंग अपलिफ्टमेंट एंड एंप्लॉमेंट फॉर वुमेन/ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो' (दुर्गा) योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 1,300 इलेक्ट्रिक ऑटो परमिट जारी किए जाएंगे, जिसमें 90 प्रतिशत महिलाओं के लिए और 10 प्रतिशत ट्रांसजेंडर्स के लिए आरक्षित हैं। दिल्ली के सभी 13 जिलों में से प्रत्येक को 100 परमिट दिए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की बात करें तो आवेदक की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह दिल्ली का निवासी होना चाहिए। आवेदक के पास वैध वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक सर्विस वाहन (पीएसवी) बैज होना जरूरी है। इसके अलावा, परिवार की वार्षिक आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और उनके पास पहले से कोई तिपहिया वाहन नहीं होना चाहिए। प्रति परिवार केवल एक महिला ही इस परमिट के लिए पात्र होगी। आवेदनों के प्रबंधन के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल होगा और मांग अधिक होने पर लॉटरी सिस्टम लागू किया जाएगा। वित्तीय प्रोत्साहन और सुरक्षा के उपायों के तहत दिल्ली ईवी नीति 2026-30 के तहत पहले साल में 50,000 रुपये का खरीद प्रोत्साहन और रोड टैक्स तथा रजिस्ट्रेशन फीस पर सौ प्रतिशत छूट मिलेगी। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चालकों को विशेष 'दुर्गा' जैकेट, कैप और आईडी कार्ड दिए जाएंगे, जबकि ऑटो पर महिलाओं के हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित होंगे। सरकार इन वाहनों को ऑनलाइन कैब और ऑटो एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से जोड़ेगी तथा प्रमुख स्टेशनों पर चार्जिंग और पार्किंग की सुविधा भी देगी।