दिल्ली कैबिनेट ने सर्दियों में सड़क की धूल से निपटने के लिए 30 ईवी स्वीपिंग मशीनों को दी मंजूरी

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में 30 छोटी इलेक्ट्रिक वाहन आधारित मशीनीकृत सड़क सफाई मशीनों की खरीद को मंजूरी दे दी गई है। यह फैसला सर्दियों के एक्शन प्लान 2026-27 का मुख्य हिस्सा है, जिसे सड़क की धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए तैयार किया गया है। केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नवंबर तक इस काम को पूरा करने का अनुरोध किया है। यह परियोजना 250 वार्डों में 854 सड़कों पर लगभग 609 किलोमीटर लंबी संकीर्ण गलियों को कवर करेगी, जिसमें 10 मीटर से कम चौड़ाई वाले रास्ते शामिल हैं।
इन मशीनों को खरीदने, चलाने और तैनात करने की जिम्मेदारी नगर निगम (MCD) की होगी और इसके लिए सरकार द्वारा फंड दिया जाएगा। 10 साल की इस परियोजना पर अनुमानित खर्च 393.73 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार प्रदूषण से वैज्ञानिक तरीके से निपट रही है। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि गाड़ी पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए सफाई अभियान से एक दिन पहले स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी जाएगी, और शुरुआत में काम और व्यवस्था का आकलन करने के लिए एक शुरुआती चरण चलाया जाएगा।
इसके अलावा, दिल्ली कैबिनेट ने IIT-दिल्ली के साथ पांच साल के समझौते को भी मंजूरी दी है। इस साझेदारी का उद्देश्य PM2.5 और PM10 प्रदूषण के स्रोतों की लगातार और वास्तविक समय में पहचान करना तथा उसका विश्लेषण करना है ताकि प्रदूषण के कारणों का सटीक पता लगाया जा सके।