दिल्ली सरकार छह औद्योगिक क्षेत्रों में खोलेगी बिजनेस फैसिलिटेशन सेंटर

दिल्ली सरकार ने छोटे उद्यमियों की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए छह प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में बिजनेस फैसिलिटेशन सेंटर यानी BFC स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। 21 सितंबर 2026 को आई रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए ओखला, नरेला, बवाना, वजीरपुर, पटपड़गंज और मयूरपुरी को चुना गया है। इन केंद्रों का उद्देश्य کاروباریयों को लाइसेंस, सरकारी मंजूरी, बैंक लोन, तकनीक अपनाने और बाजार तक पहुंच बनाने में मदद करना है। स्रोत. इससे उद्यमियों को कई प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काटने से राहत मिलेगी।
यह पहल 10.28 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना का हिस्सा है, जिसे लघु उद्योगों के सुधार और आधुनिकीकरण के लिए तैयार किया गया है। ये केंद्र 'दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026' के तहत काम करेंगे, जिसे 2 सितंबर 2026 को दिल्ली कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इस बिल का उद्देश्य एक एकीकृत सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए औद्योगिक गतिविधियों को अधिक पारदर्शी और किफायती बनाना है। स्रोत.
नए दिशानिर्देशों के तहत کاروباریयों पर अनुपालन का बोझ काफी कम होने की उम्मीद है। GST, FSSAI, MSME या श्रम कानूनों के तहत पहले से रजिस्टर्ड उद्यमों को अब अलग से ट्रेड लाइसेंस या 'शॉप एंड इस्टेब्लिशमेंट' रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं हो सकती है। इसके अलावा, इस पहल में कम जोखिम वाली गतिविधियों के लिए स्व-घोषणा का प्रावधान है और 'डीम्ड अप्रूवल' तंत्र स्थापित किया गया है। इसके तहत यदि तय समय सीमा के भीतर अधिकारी फैसला नहीं लेते हैं, तो आवेदन स्वतः स्वीकृत हो जाते हैं।