पुरानी दिल्ली में निर्माणाधीन इमारत गिरी, 2 मजदूरों की मौत, 3 ठेकेदार गिरफ्तार
पुरानी दिल्ली में निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस ने तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है।

राजधानी दिल्ली के चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास स्थित गली सितारा वाली में एक बड़ा हादसा हो गया। गुरुवार सुबह एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिससे बिहार के दो प्रवासी मजदूरों की जान चली गई। इस दिल्ली बिल्डिंग हादसा के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मलबे में दबे अन्य लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर बचाव कार्य चलाया गया।
यह दर्दनाक घटना सुबह करीब 9:30 से 9:50 के बीच हुई, जब तीसरी मंजिल की छत की ढलाई का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि सपोर्ट सिस्टम को समय से पहले हटा दिया गया था, जिसके कारण पूरी छत भरभराकर गिर गई। हादसे में मारे गए मजदूरों की पहचान खगड़िया निवासी 45 वर्षीय संजीत और सहरसा निवासी 40 वर्षीय किशोरी के रूप में हुई है। वहीं, सहदेव चौधरी और फिरोज समेत कुछ अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
लापरवाही पर एक्शन: तीन ठेकेदार गिरफ्तार, इंजीनियर सस्पेंड
हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने फरीदाबाद के सिरोही गांव से तीन ठेकेदारों—सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान को गिरफ्तार किया है। इन तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एमसीडी (MCD) के एक जूनियर इंजीनियर और एक असिस्टेंट इंजीनियर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं, क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने करीब पांच महीने पहले ही एमसीडी को इस अवैध निर्माण के बारे में सूचित कर दिया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बचाव कार्य की बात करें तो पुरानी दिल्ली की तंग गलियों और घनी आबादी के कारण दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ (NDRF) और पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सरकार ने घायलों के समुचित इलाज और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का भरोसा दिलाया है।