दिल्ली में BS6 नॉन-कंप्लायंट वाहनों की एंट्री बैन, बॉर्डर पर सख्ती शुरू
GRAP-II के तहत दिल्ली में BS6 मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक। ट्रैफिक पुलिस ने बॉर्डर पर सख्ती शुरू की।

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और गिरते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-II) के तहत अब उन वाहनों का दिल्ली में प्रवेश वर्जित कर दिया गया है जो BS6 मानकों को पूरा नहीं करते हैं। इस आदेश के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को शहर के अंदर आने से रोका जा सके।
सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल 1 नवंबर को ट्रैफिक पुलिस ने सिंघू बॉर्डर समेत विभिन्न सीमाओं पर 7,279 वाहनों की जांच की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 714 वाहनों को वापस लौटा दिया गया, जबकि 38 वाहनों को जब्त (इम्पॉउंड) किया गया। इसके अलावा 10 वाहनों के चालान भी काटे गए। पुलिस अब केवल उन्हीं बसों को अनुमति दे रही है जो बिजली, CNG या BS-VI मानकों के अनुरूप डीजल इंजन वाली हैं।
प्रदूषण रोकने के लिए NCR जिलों के साथ तालमेल
इस पूरी मुहिम को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार को पड़ोसी जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक की। इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ के अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग कर तैयारियों की समीक्षा की थी। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दिल्ली की सीमाओं पर ट्रैफिक जाम न लगे और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद हो।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो ट्रक दिल्ली के लिए नहीं हैं, उन्हें ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए डायवर्ट किया जाएगा। इसके साथ ही, शहर में धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग और पानी के छिड़काव जैसे उपायों को तेज किया जा रहा है। आम जनता को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया, रेडियो और प्रिंट मीडिया का सहारा लिया जा रहा है और बॉर्डर्स पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को ही दिल्ली-NCR में GRAP के पहले चरण को लागू कर दिया था, जिसके बाद अब स्थिति को देखते हुए प्रतिबंधों को और कड़ा किया गया है।