दिल्ली में BS-4 वाहनों की एंट्री बैन, सहारनपुर के ट्रांसपोर्टर्स को 25 लाख का झटका
दिल्ली में BS-4 वाहनों पर लगे प्रतिबंध के कारण सहारनपुर के ट्रांसपोर्टर्स को 25 लाख का नुकसान हुआ है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए लगाए गए कड़े नियमों ने अब ट्रांसपोर्टर्स की कमर तोड़ दी है। दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा BS-4 और उससे पुराने डीजल व पेट्रोल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के बाद सहारनपुर के ट्रांसपोर्टरों को महज चार दिनों में करीब 25 लाख रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।
यह प्रतिबंध विंटर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक लागू किया गया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन क्षेत्रीय सप्लाई चेन पर पड़ा है जो राजधानी पर निर्भर हैं। आंकड़ों की बात करें तो सहारनपुर में पंजीकृत करीब 55,000 वाहन इस प्रतिबंध की चपेट में हैं, जिससे माल की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
नियमों की सख्ती और बढ़ती मुश्किलें
हालांकि इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI मानकों वाले वाहनों को इस पाबंदी से छूट दी गई है, लेकिन छोटे और मध्यम स्तर के ट्रांसपोर्टरों के लिए अपने पूरे बेड़े को अपडेट करना आर्थिक रूप से बहुत महंगा सौदा है। दिल्ली की सीमाओं पर ANPR कैमरों और कड़ी चेकिंग के जरिए इन नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि इतनी सख्ती के बावजूद 4 नवंबर 2026 को दिल्ली का AQI 379 तक पहुंच गया, जिससे इस नीति की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच, पर्यावरण कार्यकर्ता अमित गुप्ता ने एक सुझाव दिया है कि उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों के बीच आवाजाही को सुगम बनाने के लिए BS-4 वाहनों को दिल्ली के कुछ निर्धारित कॉरिडोर से ट्रांजिट (गुजरने) की अनुमति दी जानी चाहिए।
इस प्रस्ताव को पर्यावरण मंत्री मनिंदर सिंह सिरसा और अन्य अधिकारियों ने दिल्ली ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पास विचार के लिए भेज दिया है, ताकि ट्रांसपोर्टरों को इस संकट से राहत मिल सके।