दिल्ली में BS-VI से पुराने वाहनों की एंट्री बंद, पहले ही दिन 1500 से ज्यादा गाड़ियां लौटीं
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए BS-VI से पुराने वाहनों की एंट्री बंद की है। पहले ही दिन 1,539 गाड़ियों को वापस भेजा गया।

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और जहरीली हवा से निपटने के लिए सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। दिल्ली सरकार ने अपने विंटर पोल्यूशन कंट्रोल प्लान के तहत 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक बाहरी राज्यों से आने वाले उन वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करते। इस सख्ती का असर पहले ही दिन देखने को मिला, जब रविवार को शहर की सीमाओं पर 1,539 गैर-अनुपालन वाहनों को वापस भेज दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब BS-IV या उससे पुराने मॉडल वाले वाहन दिल्ली की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। हालांकि, इस नियम से कुछ राहत भी दी गई है। BS-VI मानक वाले वाहन, वैध पीयूसीसी (PUCC) सर्टिफिकेट वाले सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन, साथ ही एम्बुलेंस, फायर टेंडर और पुलिस जैसी आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
AI कैमरों से निगरानी और भारी जुर्माना
सड़कों पर सख्ती सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों और एआई-आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के जरिए करीब 15,000 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान पीयूसीसी नियमों की अनदेखी करने वाले 566 वाहनों के चालान काटे गए, जिनसे कुल 68.4 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इस पूरी कार्रवाई का एक दूसरा पहलू ट्रैफिक जाम के रूप में सामने आया। दिल्ली-गुरुग्राम और दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे गाड़ियां घंटों खड़ी रहीं। जानकारों का मानना है कि इस तरह लंबे समय तक इंजन चालू रहने (idling) से कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ता है, जो हवा की गुणवत्ता को और खराब करता है। रविवार को दिल्ली का AQI 261 तक पहुंच गया, जो पिछले 198 दिनों का उच्चतम स्तर है।
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने अन्य कदम भी उठाए हैं, जिनमें धूल उड़ाने वाले निर्माण कार्यों पर रोक, पार्किंग शुल्क में दोगुनी बढ़ोतरी और ऑफिसों में केवल 50% कर्मचारियों की उपस्थिति की अनुमति शामिल है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय ने आम जनता से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने वाहनों के उत्सर्जन मानकों और दस्तावेजों की जांच कर लें, ताकि उन्हें बॉर्डर पर परेशानी या जुर्माने का सामना न करना पड़े।