दिल्ली में BS-VI वाहन प्रतिबंध का दूसरा दिन: बॉर्डर पर सख्ती, हजारों गाड़ियां वापस भेजीं
दिल्ली में BS-VI नियमों के तहत बाहरी नंबर की पुरानी गाड़ियों की एंट्री बंद। पहले दिन 1500 से ज्यादा गाड़ियां वापस भेजी गईं और भारी जुर्माना लगा।

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शहर में दिल्ली BS-VI वाहन प्रतिबंध के नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इस नीति के तहत 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक बाहरी राज्यों की उन पेट्रोल और डीजल गाड़ियों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है, जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करती हैं। इसमें BS-III और BS-IV मॉडल वाली गाड़ियां भी शामिल हैं।
इस अभियान के पहले दिन यानी रविवार को ही प्रशासन ने कड़ा रुख दिखाया। बॉर्डर पर तैनात टीमों ने कुल 14,930 वाहनों की जांच की, जिनमें से करीब 10.3 प्रतिशत यानी 1,539 गाड़ियों को नियमों का उल्लंघन करने के कारण वापस भेज दिया गया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस ने मिलकर कुल 68.4 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। इसमें सबसे ज्यादा 56.6 लाख रुपये पीयूसीसी (PUCC) उल्लंघन के 566 चालानों से मिले, जबकि एंट्री प्रतिबंध के 127 चालानों के जरिए 2 लाख रुपये वसूले गए और 62 गाड़ियां जब्त की गईं।
किन्हें मिली छूट और क्या हैं चुनौतियां?
नियमों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, सीएनजी वाहन और BS-VI मानकों को पूरा करने वाले वाहनों को शहर में आने की अनुमति है, बशर्ते उनके पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) हो। इसके अलावा एम्बुलेंस, फायर टेंडर और पुलिस जैसी आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
हालांकि, पहले दिन अधिकारियों को कुछ तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वेरिफिकेशन सॉफ्टवेयर में नेटवर्क की समस्या और स्टाफ की कमी जैसी बाधाएं देखी गईं। इसके बावजूद, दिल्ली सरकार, सीएक्यूएम (CAQM) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समन्वय से इस मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है। सोमवार को ट्रैफिक बढ़ने की उम्मीद में बॉर्डर पर पुलिस बल बढ़ा दिया गया है और प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की निगरानी तेज कर दी गई है।
आम यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार दिल्ली मेट्रो (DMRC) और डीटीसी (DTC) से बसों और ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की मांग कर सकती है, ताकि जिन लोगों की गाड़ियां प्रतिबंधित हैं, उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो। वहीं, दिल्ली न आने वाले कमर्शियल वाहनों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ा जा रहा है।