दिल्ली में BS-VI बसों की अनिवार्यता: रुड़की डिपो को रोजाना 2 लाख का घाटा
दिल्ली सरकार के नए प्रदूषण नियमों के कारण रुड़की डिपो की 10 बसें बंद, जिससे रोजाना 2 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।

दिल्ली सरकार ने सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए वाहनों के संचालन को लेकर बेहद सख्त नियम लागू किए हैं। इन नए नियमों का सीधा असर अब अंतरराज्यीय परिवहन सेवाओं पर दिखने लगा है। दिल्ली में प्रवेश करने वाली बसों के लिए अब BS-VI उत्सर्जन मानकों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके चलते उत्तराखंड परिवहन निगम के रुड़की डिपो को बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए इस कदम के बाद रुड़की डिपो को अपनी 10 बसों का संचालन रोकना पड़ा है। डिपो की असिस्टेंट जनरल मैनेजर अमिता सैनी के मुताबिक, रुड़की और दिल्ली के बीच रोजाना करीब 18 बसें चलती हैं, लेकिन इनमें से केवल 8 बसें ही BS-VI मानकों को पूरा करती हैं। इस वजह से बाकी 10 बसों को रास्ते से हटाना पड़ा, जिससे परिवहन निगम को प्रतिदिन लगभग दो लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए अब वैकल्पिक रास्तों की तलाश की जा रही है।
प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार के कड़े कदम
यह पूरी कवायद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की देखरेख में की जा रही है। नए नियमों के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक केवल BS-VI मानक वाली बसें, या फिर CNG और इलेक्ट्रिक वाहन ही दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगे। इसके अलावा सरकार ने 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी लागू की है, यानी बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहनों में ईंधन नहीं भरा जा सकेगा।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए अन्य कड़े इंतजाम भी किए गए हैं:
- मेट्रो पार्किंग को छोड़कर अन्य सार्वजनिक पार्किंग शुल्क को दोगुना कर दिया गया है ताकि लोग निजी वाहनों का उपयोग कम करें।
- दफ्तरों में 50% वर्क-फ्रॉम-होम की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- 28 फरवरी 2027 तक धूल उड़ाने वाले निर्माण कार्यों पर सख्त पाबंदी लगाई गई है।
इन नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस अलर्ट पर हैं। KGP-KMP जीरो पॉइंट जैसे मुख्य प्रवेश द्वारों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि मानक पूरे न करने वाले वाहनों को दिल्ली में घुसने से रोका जा सके।