चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध: दिल्ली बॉर्डर पर भारी सुरक्षा, इंटरनेट बंद

Kittu Kumari10 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध: दिल्ली बॉर्डर पर भारी सुरक्षा, इंटरनेट बंद

राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ बुलाए गए विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने शहर को किले में तब्दील कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चुनावी रोल में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन की तैयारी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।

सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 35,000 जवान तैनात किए गए हैं। सिंघू, चिल्ला, तुलसी निकेतन, नोएडा, फरीदाबाद, गाजीपुर, टिकरी, गुरुग्राम, कापसहेरा, लोनी और बदरपुर जैसे प्रमुख बॉर्डरों पर दोहरी बैरिकेडिंग की गई है। जॉइंट सीपी मिलिंद कुंभारे ने पुष्टि की है कि उत्तर प्रदेश प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर बॉर्डर पर सख्त चेकिंग की जा रही है। शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के अनुसार, व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी फोर्स अलर्ट पर है।

आम जनजीवन पर पड़ा असर और पाबंदियां

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इस सुरक्षा घेरे का सीधा असर आम लोगों की आवाजाही पर पड़ा है। दिल्ली मेट्रो ने 45 स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए हैं, हालांकि इंटरचेंज की सुविधा चालू रखी गई है। वहीं, भारतीय रेलवे ने सड़क पर संभावित जाम से बचने के लिए नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच आने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर जंतर मंतर के आसपास के इलाकों में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया है और पूरे शहर में शराब की दुकानें बंद रखी गई हैं। पुलिस कर्मियों को बॉडी कैमरों से लैस किया गया है और होटलों में संदिग्ध मेहमानों की जांच के साथ-साथ बस बुकिंग पर भी नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों का तर्क है कि जंतर मंतर पर पिछले एक महीने तक चले प्रदर्शन में 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे, इसलिए ये कड़े कदम जरूरी हैं। दूसरी ओर, एमनेस्टी इंटरनेशनल के बोर्ड चेयर आकार पटेल ने इन पाबंदियों को 'अत्यधिक और असंगत' बताते हुए इसकी निंदा की है और कहा है कि विरोध करना एक संवैधानिक अधिकार है। खबर है कि CJP से जुड़े कई कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया है या उनके घरों में नजरबंद किया गया है। सुरक्षा बल 12 अक्टूबर तक हाई अलर्ट पर रहेंगे।

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