दिल्ली बॉर्डर पर GRAP-2 की सख्ती, BS-VI मानकों के बिना नो एंट्री
दिल्ली के बॉर्डर पर GRAP-2 के तहत सख्त चेकिंग जारी है। BS-VI मानकों को पूरा न करने वाले हजारों वाहनों को वापस भेजा गया।

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। दिल्ली बॉर्डर वाहन प्रतिबंध के तहत अब बाहरी राज्यों से आने वाले उन वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है जो प्रदूषण मानकों को पूरा नहीं करते। शहर में वायु गुणवत्ता बिगड़ने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 2 नवंबर 2026 से GRAP-2 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) लागू कर दिया है, जिसके बाद बॉर्डर पर चेकिंग और भी कड़ी कर दी गई है।
नियमों के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड उन पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते। यह पाबंदी 31 जनवरी 2027 तक जारी रहेगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें दिल्ली-गुरुग्राम, दिल्ली-नोएडा, दिल्ली-गाजियाबाद और सिंघु बॉर्डर जैसे मुख्य प्रवेश द्वारों पर तैनात हैं और आने वाले वाहनों की गहन जांच कर रही हैं।
हजारों वाहनों की हुई जांच, सैकड़ों का कटा चालान
शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के दौरान अब तक लगभग 14,930 वाहनों की जांच की जा चुकी है। इस कार्रवाई में करीब 1,500 से अधिक वाहनों को नियमों का उल्लंघन करने के कारण वापस लौटा दिया गया। इसके अलावा, BS-VI मानदंडों का पालन न करने और वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) न होने पर सैकड़ों वाहनों के चालान काटे गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-IV या उससे पुराने पेट्रोल और डीजल वाहन अब राजधानी में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। वहीं, दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-III या उससे पुराने वाहनों पर भी पाबंदी लागू है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों, CNG वाहनों, एम्बुलेंस, फायर टेंडर, पुलिस वाहनों और वैध PUCC वाले BS-VI वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
GRAP-2 के तहत केवल वाहनों पर ही नहीं, बल्कि अन्य गतिविधियों पर भी लगाम कसी गई है। पार्किंग शुल्क बढ़ा दिया गया है और होटलों व रेस्टोरेंट्स में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही, 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक पूरे NCR में धूल उड़ाने वाले निर्माण और विध्वंस कार्यों को निलंबित कर दिया गया है।