मदन लाल खुराना की जयंती: दिल्ली भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

दिल्ली भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना की जयंती के अवसर पर एक विशेष स्मारक सभा का आयोजन किया। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और कई वरिष्ठ नेताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। मदन लाल खुराना, जिन्हें 'दिल्ली का शेर' कहा जाता था, ने न केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम किया, बल्कि वे राजस्थान के राज्यपाल भी रहे।
सिद्धांतों के लिए पद त्यागने वाले नेता थे खुराना
कार्यक्रम के दौरान हर्ष मल्होत्रा ने मदन लाल खुराना के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भारतीय राजनीति में उच्च नैतिक मानकों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि खुराना केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक संपूर्ण मूल्य प्रणाली थे। मल्होत्रा ने साल 1995 के जैन हवाला मामले का जिक्र करते हुए बताया कि जब खुराना का नाम इस मामले में आया, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। यह कदम इस बात का प्रमाण था कि उनके लिए राजनीतिक पद से ऊपर उनके सिद्धांत और चरित्र थे।
नेताओं ने याद किया कि कैसे खुराना ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए पुरजोर पैरवी की और शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी लोकप्रियता ऐसी थी कि विपक्षी दल भी उनका सम्मान करते थे। हर्ष मल्होत्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे खुराना की त्याग, निष्ठा और 'राष्ट्र प्रथम' की राजनीति की विरासत को आगे बढ़ाएं।
इस श्रद्धांजलि सभा में खुराना की पत्नी राज खुराना, ओ.पी. बब्बर, मूलचंद चावला, वेद व्यास महाजन, विष्णु मित्तल, राजेश भाटिया, रंजीत कश्यप, संतोष ओझा, संतोष पाल, कैलाश जैन और अमित गुप्ता सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और परिवार के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।