दिल्ली विकास प्राधिकरण के सात जैव विविधता पार्कों में 17 से 19 सितंबर 2026 के बीच तीन दिनों का वार्षिक सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण में मच्छर खाने वाले कीटों की दो नई प्रजातियों की पहचान की गई है। इन नई प्रजातियों में पीली पूंछ वाली एशी स्किमर ड्रैगनफ्लाई और ब्लू ग्रास डार्ट डैम्सफ्लाई शामिल हैं।
पीली पूंछ वाली एशी स्किमर ड्रैगनफ्लाई की खोज अरावली जैव विविधता पार्क में हुई।
वहीं ब्लू ग्रास डार्ट डैम्सफ्लाई यमुना जैव विविधता पार्क में पाई गई। यह सर्वेक्षण दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और छात्रों द्वारा ओडोनेटा की आबादी की निगरानी के लिए किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार एक ड्रैगनफ्लाई रोजाना 30 से 100 तक मच्छर खा सकती है।
ये कीट प्राकृतिक कीट नियंत्रक और आर्द्रभूमि के स्वास्थ्य के जैव संकेतक के रूप में काम करते हैं। वैज्ञानिक फैय्याज खुद्सर ने बताया कि इन कीटों को बड़े पैमाने पर कृत्रिम रूप से पैदा नहीं किया जा सकता है।
साल 2026 के सर्वेक्षण में कुल 11,154 ड्रैगनफ्लाई और डैम्सफ्लाई दर्ज की गईं। यह संख्या साल 2025 में दर्ज किए गए 13,253 कीटों से कम है।
अधिकारियों ने इस गिरावट का कारण अनियमित बारिश और सूखे दौर को बताया है जिससे पानी के स्रोत सिकुड़ गए। यमुना जैव विविधता पार्क में 23 प्रजातियां दर्ज की गईं जबकि अरावली में 16 प्रजातियां स्थिर रहीं।
कमला नेहरू रिज, तुगलकाबाद, कलंदी, नीला हौज़ और तिलपाथ वैली में प्रजातियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई।