दिल्ली के भागीरथ प्लेस में छापा, 481 नकली रैबीज वैक्सीन जब्त

दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट (DDC) ने 22 सितंबर 2026 को भागीरथ प्लेस दवा बाजार में एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान अधिकारियों ने 481 यूनिट नकली रैबीज वैक्सीन जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 लाख रुपये है। नकली दवाओं के सर्कुलेशन की सूचना मिलने पर यह रेड तीन अलग-अलग जगहों पर मारी गई, जिसमें बिक्री केंद्र और एक गोदाम शामिल हैं। जब्त किए गए उत्पाद की पहचान 'रैबीज वैक्सीन, ह्यूमन I.P. (प्यूरीफाइड वेरो सेल रैबीज वैक्सीन) - अभयराब' के रूप में हुई है। तेलंगना स्थित निर्माता कंपनी ह्यूमन बायोलॉजिकल इंस्टीट्यूट से संपर्क करने पर अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह बैच नकली था और कंपनी द्वारा नहीं बनाया गया था।
जांच अधिकारियों ने कसौली स्थित सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRI) में आगे की जांच के लिए 120 शीशियों को कानूनी नमूने के तौर पर लिया है। इसके अलावा, बाकी बची 361 यूनिट और सात खरीद चालान (purchase invoices) को भी सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है। इस पूरी जांच के दौरान अवैध सप्लाई के तार उत्तर प्रदेश के कानपुर से जुड़े होने का पता चला है। दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने यह जानकारी उत्तर प्रदेश राज्य ड्रग विभाग के साथ साझा की, जिसके बाद कानपुर और दो अन्य जगहों पर भी छापेमारी की गई। अधिकारी अब इन नकली टीकों के निर्माण के स्रोत, दिल्ली में उनके आने के रास्ते और उनके वितरण नेटवर्क की पूरी जांच कर रहे हैं।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बयान देते हुए कहा कि सरकार नकली और मिलावटी दवाओं की बिक्री के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रैबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, इसलिए टीकों की गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री ने पुष्टि की कि इस रैकेट में शामिल सभी लोगों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।