दिल्ली विधानसभा का छठा सत्र 7 अगस्त से होगा शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली विधानसभा की आठवीं विधानसभा का छठा सत्र आगामी 7 अगस्त को सुबह 11:00 बजे पुराने सचिवालय स्थित असेंबली हाउस में शुरू होगा। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए यह घोषणा की और बताया कि उपराज्यपाल के आदेश के अनुसार इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। विधानसभा की बैठकें 7, 10 और 11 अगस्त को तय की गई हैं और प्रत्येक सत्र दिन का निर्धारित कामकाज पूरा होने तक जारी रहेगा। उपलब्ध एजेंडे के आधार पर जरूरत पड़ने पर सत्र की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। इस सत्र के सुचारू संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पुष्टि की है कि दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने सत्र के सुचारू और व्यवस्थित संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। नियमों के तहत सभी आवश्यक नोटिस NeVA पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से प्रस्तुत किए जाएंगे, जिसमें सदस्यों को नोटिस ब्रांच और NeVA सर्विस सेंटर के जरिए सहायता मिलेगी। नियम 280 के तहत मामले उठाने के इच्छुक सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे संबंधित बैठक के पिछले कामकाजी दिन शाम 5:00 बजे तक अपने नोटिस जमा कर दें। स्पीकर ने सभी सदस्यों से स्थापित प्रक्रियाओं का पालन करने की अपील की है।
Assembly परिसर के भीतर एक सुरक्षित, अनुशासित और व्यवस्थित माहौल सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी प्रवेश बिंदुओं पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर्स लगाए जा रहे हैं, एंट्री कंट्रोल सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है और अधिक प्रभावी तथा तेज ऑन-साइट सुरक्षा उपाय स्थापित किए जा रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सेंट्रल रिजर्व Police Force (CRPF) की एक Quick Response Team को पहले ही तैनात किया जा चुका है। परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है।
संशोधित एंट्री सिस्टम के तहत विधानसभा परिसर में प्रवेश केवल गेट नंबर 1 के माध्यम से होगा, जबकि आवाजाही को व्यवस्थित करने और बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अन्य सभी प्रवेश द्वारों को प्रतिबंधित किया जाएगा। संभावित जोखिमों, खुफिया इनपुट, सुरक्षा बलों की तैनाती, निगरानी प्रणालियों, संचार नेटवर्क, आकस्मिक योजनाओं, विजिटर मैनेजमेंट, तलाशी प्रक्रियाओं, ट्रैफिक कंट्रोल और मेडिकल, फायर व इवेक्यूएशन जैसी आपातकालीन सेवाओं से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों को और बढ़ाया जा रहा है। सभी संबंधित एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं।