दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा होगी अभेद्य, लगेंगे 8 वॉचटावर और हाई-टेक सर्विलांस सिस्टम

Kittu Kumari19 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा होगी अभेद्य, लगेंगे 8 वॉचटावर और हाई-टेक सर्विलांस सिस्टम

दिल्ली विधानसभा परिसर की सुरक्षा को अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और आधुनिक बनाया जा रहा है। पिछले समय में मिले बम threats और सुरक्षा संबंधी अन्य घटनाओं को देखते हुए विधानसभा प्रशासन ने सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह अपडेट करने का फैसला किया है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि परिसर की निगरानी और सुरक्षा के लिए कई नए और एडवांस सिस्टम लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके और समय रहते कार्रवाई की जा सके।

सुरक्षा के लिए अपनाई जा रही हैं ये हाई-टेक तकनीकें

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए विधानसभा के सामने और पीछे के हिस्सों में रणनीतिक रूप से 8 वॉचटावर बनाए जा रहे हैं, जिनमें से एक का काम पूरा हो चुका है। इन टावरों पर CRPF के जवान तैनात रहेंगे, जो पूरे परिसर की निगरानी करेंगे। इसके अलावा, CRPF के लिए एक समर्पित पेट्रोलिंग ट्रैक भी तैयार किया जा रहा है, जिसका करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इससे जवान पूरी बाउंड्री की बेहतर तरीके से गश्त कर सकेंगे।

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वाहनों की चेकिंग के लिए गेट नंबर 2 और 5 पर 'अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम' (UVSS) लगाया गया है, जो संदिग्ध वाहनों और फर्जी नंबर प्लेटों की पहचान करने में मदद करेगा। वहीं, वाहनों की रिकॉर्डिंग और निगरानी के लिए RFID तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। गेट नंबर 1 पर फोटो पहचान वाले फ्लैप बैरियर लगाए जा रहे हैं, ताकि आने वाले हर व्यक्ति का सटीक रिकॉर्ड रखा जा सके।

परिसर में सुरक्षा की अन्य खास व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:

  • ऑटोमैटिक दरवाजे: गेट नंबर 1 से 5 तक ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे लगाए जा रहे हैं।
  • हाइड्रोलिक बोलार्ड्स: संवेदनशील एंट्री पॉइंट्स पर अनधिकृत वाहनों को रोकने के लिए हाइड्रोलिक ब्लॉकिंग बोलार्ड्स लगाए गए हैं।
  • CCTV नेटवर्क: वर्तमान में 120 कैमरे लगे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस की मदद से 'डार्क स्पॉट्स' की पहचान कर और अधिक कैमरे लगाए जाएंगे।
  • डिजिटल मैनेजमेंट: रिसेप्शन पर एक डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किया गया है, जिससे विजिटर्स का रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन अब और आसान और पारदर्शी होगा।

विजेंद्र गुप्ता के अनुसार, इन सभी उपायों का मकसद एक ऐसा सुरक्षा ढांचा तैयार करना है जहाँ फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल पहचान और आधुनिक सर्विलांस का तालमेल हो। इससे न केवल विधायकों और अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि परिसर में आने वाले आगंतुकों के लिए भी एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित होगा।

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