दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा सख्त: अब वॉच टावर और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम से होगी निगरानी

पिछले कुछ समय में मिली बम धमाकों की धमकियों और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के बाद दिल्ली विधानसभा अब अपने सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने की तैयारी में है। विधानसभा के सुरक्षा ढांचे में बड़ा बदलाव किया जा रहा है, जिसके तहत अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम और वॉच टावर लगाए जा रहे हैं। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इन नए सुरक्षा इंतजामों की जानकारी साझा की।
सुरक्षा के लिए उठाए गए बड़े कदम
विधानसभा परिसर की चारों तरफ नजर रखने के लिए रणनीतिक स्थानों पर आठ वॉच टावर बनाए जा रहे हैं। इनमें से एक टावर का काम पूरा हो चुका है। ये टावर रिसेप्शन के पीछे और परिसर के आगे व पीछे के हिस्सों में स्थित होंगे, जहाँ CRPF के जवान तैनात रहकर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेंगे। जवानों की आसान आवाजाही के लिए परिसर के चारों ओर एक खास पेट्रोलिंग पाथ भी तैयार किया जा रहा है, जिसका करीब 70 फीसदी काम पूरा हो गया है।
गाड़ियों और लोगों के प्रवेश को लेकर भी कड़े नियम लागू किए गए हैं। गेट नंबर 1 से 5 तक ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे लगाए जा रहे हैं और अनधिकृत वाहनों को रोकने के लिए हाइड्रोलिक ब्लॉकिंग बोलार्ड्स का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा, गेट नंबर 2 और 5 पर 'अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम' (UVSS) लगाया गया है, जो संदिग्ध वाहनों और फर्जी नंबर प्लेटों की पहचान करने में मदद करेगा।
गेट नंबर 1 पर फोटो आईडी तकनीक वाले फ्लैप बैरियर और RFID सिस्टम लगाए जा रहे हैं, ताकि आने-जाने वाले वाहनों का सटीक रिकॉर्ड रखा जा सके। फिलहाल परिसर में 120 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन सुरक्षा में कोई चूक न रहे, इसके लिए दिल्ली पुलिस से 'डार्क स्पॉट्स' की पहचान करने को कहा गया है ताकि वहां और कैमरे लगाए जा सकें। साथ ही, रिसेप्शन पर एक नया डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किया गया है, जहाँ आने वाले हर व्यक्ति की फोटो और आने का मकसद रिकॉर्ड किया जाएगा।
अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि ये सभी कदम दिल्ली विधानसभा के लिए एक मजबूत और समन्वित सुरक्षा ढांचा तैयार करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास हैं।