दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा होगी हाईटेक, परिसर में बनेंगे 8 वॉचटावर

हाल के दिनों में मिली बम धमाकों की धमकियों और सुरक्षा में हुई बड़ी चूक के बाद दिल्ली विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अब पूरी तरह बदला जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि परिसर में आने वाले कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार करना प्राथमिकता है। इसी कड़ी में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई आधुनिक तकनीकों और भौतिक बदलावों को लागू किया जा रहा है।
सुरक्षा के इस नए खाके में सबसे अहम बदलाव परिसर के आगे और पीछे के हिस्सों में आठ वॉचटावर का निर्माण है। इनमें से एक वॉचटावर का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी रणनीतिक स्थानों पर बनाए जा रहे हैं। साथ ही, सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों की गश्त के लिए एक समर्पित पेट्रोलिंग ट्रैक बनाया जा रहा है, जिसका करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सीआरपीएफ की एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी तैनात किया जाएगा।
हाई-टेक निगरानी और सख्त एंट्री नियम
परिसर में वाहनों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए गेट नंबर दो और पांच पर अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) लगाया गया है। इसके अलावा, वाहनों की ट्रैकिंग के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए गेट नंबर एक से पांच तक ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे लगाए गए हैं और संवेदनशील एंट्री पॉइंट्स पर हाइड्रोलिक ब्लॉकिंग बोलार्ड्स लगाए गए हैं।
इतना ही नहीं, गेट नंबर एक पर फोटोग्राफिक आईडी फ्लैप बैरियर लगाए जा रहे हैं और यह तय किया गया है कि विधानसभा सत्र के दौरान केवल गेट नंबर एक से ही प्रवेश मिलेगा। वर्तमान में परिसर में लगभग 120 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं, जबकि दिल्ली पुलिस उन 'ब्लाइंड स्पॉट्स' की पहचान कर रही है जहां कैमरों की जरूरत है, ताकि पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।