दिल्ली विधानसभा परिसर में निकली तिरंगा यात्रा, नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों को दोहराया

दिल्ली विधानसभा परिसर में मंगलवार, 11 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए देशव्यापी 'Har Ghar Tiranga' अभियान के तहत एक 'Tiranga Yatra' (फ्लैग मार्च) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्पीकर विजेंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, पंकज कुमार सिंह, रविंद्र इंद्र सिंह, चीफ व्हिप अभय वर्मा और कई Members of Legislative Assembly (MLAs) शामिल हुए।
विधानसभा परिसर में मार्च और नेताओं के संबोधन
महात्मा गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर विधानसभा परिसर के भीतर डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर समाप्त होने वाला यह मार्च राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक श्रद्धा का प्रतीक रहा। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं है, बल्कि हमारे लोकतंत्र की जीवंत धड़कन और हर भारतीय को संविधान के आदर्शों से जोड़ने वाला एक पवित्र धागा है। गुप्ता ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह मार्च स्वतंत्रता से संवैधानिक शासन तक भारत की यात्रा का प्रतिनिधित्व करता है और राज्य के लोकतांत्रिक संस्थानों के मार्गदर्शक मूल्यों को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में लोकतंत्र के मंदिर के रूप में, विधानसभा की सभी नागरिकों के लिए न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को बढ़ावा देने की गंभीर जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संदेश और अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने झंडारोहण के महत्व के बारे में बताते हुए इसे भारत की सभ्यतागत गौरव का प्रतीक, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का स्मारक और 140 करोड़ भारतीयों की एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तिरंगा नागरिकों को उन अनगिनत नायकों की याद दिलाता है जिनके संघर्षों ने देश की स्वतंत्रता सुरक्षित की। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के निवासियों से स्वतंत्रता के इस उत्सव के दौरान न केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने का आग्रह किया, बल्कि अपने शहर और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताने को भी कहा।
उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपने घरों में Tiranga फहराने और 'Har Ghar Tiranga' पहल को एक जन आंदोलन में बदलने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ध्वज से जुड़ने का मतलब राष्ट्रीय प्रतीक का सम्मान करना है और साथ ही देश की एकता के लिए अपने कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।