दिल्ली विधानसभा मानसून सत्र से पहले सुरक्षा बढ़ाई गई, हाई-लेवल मीटिंग में कड़े इंतजाम तय

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र को सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए गुरुवार को एक हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शुक्रवार से शुरू होने वाले इस सत्र के लिए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक के दौरान संभावित सुरक्षा चुनौतियों, फोर्स की तैनाती, सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल, इमरजेंसी एक्शन प्लान, विजिटर मैनेजमेंट और ट्रैफिक कंट्रोल पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा मेडिकल, फायर और इवेक्युएशन प्रक्रियाओं की भी पूरी समीक्षा की गई।
बैठक में शामिल अधिकारी और मॉक ड्रिल
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) देवेश श्रीवास्तव, ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (नदर्न रेंज) मधुकर् वर्मा, और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राजा बंथिया व हुक्माराम साई सहित कई वरिष्ठ दिल्ली पुलिस अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF), दिल्ली फायर सर्विस, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड, डिटेक्टिव यूनिट, SWAT टीम, स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस सेवाओं और दिल्ली Assembly Secretariat के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। समीक्षा के बाद, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा तैयारियों और इमरजेंसी रिस्पॉन्स क्षमताओं का आकलन करने के लिए विधानसभा परिसर के अंदर एक व्यापक मॉक ड्रिल भी आयोजित की।
सुरक्षा के लिए नए उपाय और फोर्स की तैनाती
स्पेशल CP देवेश श्रीवास्तव ने विधानसभा अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि सत्र के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम कर लिए गए हैं। CRPF जवानों सहित लगभग 130 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। नए उपायों में परिसर के चारों ओर व्यू कटर लगाना, ACP-लेवल के अधिकारी की स्थायी तैनाती, और बेहतर तालमेल के लिए विधानसभा के भीतर एक समर्पित दिल्ली पुलिस कार्यालय की स्थापना शामिल है। इसके अलावा, सभी एंट्री पॉइंट्स पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर्स लगाए जा रहे हैं, एक्सेस कंट्रोल सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, और CRPF की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) पहले से ही तैनात है। सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में एंट्री मुख्य रूप से गेट नंबर 1 से ही प्रतिबंधित की जाएगी।