दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त, 13 घंटे में पास हुए 4 बिल और AI तकनीक लागू

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र का समापन हो गया है। इस सत्र के दौरान 13 घंटे और 19 मिनट की कार्यवाही में चार महत्वपूर्ण विधायी बिल पास किए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सत्र के समापन की घोषणा की। सत्र के दौरान सदस्यों की उपस्थिति उच्च रही और सदस्यों ने नियम 280 के तहत जनता के हित से जुड़े 52 मामले उठाए।
पास किए गए नए बिल और उनका उद्देश्य
पास किए गए नए कानूनों में दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट्स (रिपील) बिल 2026, राइट ऑफ सिटीजंस टू टाइम-बाउंड एंड इजी एक्सेस टू सर्विसेज बिल 2026, दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (अमेंडमेंट) बिल 2026 और दिल्ली फायर सर्विस (अमेंडमेंट) बिल 2026 शामिल हैं। इन सभी उपायों का उद्देश्य शहरी रैन बसेरा प्रशासन को मजबूत करना, फायर सर्विस में सुधार करना और पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाना है।
AI तकनीक और CAG रिपोर्ट्स की जानकारी
कार्यवाही को अधिक सुलभ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी मील का पत्थर हासिल करते हुए AI-आधारित 'भाषिणी' लाइव ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन सिस्टम का पायलट लॉन्च किया गया। इसके अलावा, अध्यक्ष गुप्ता ने बताया कि मौजूदा विधानसभा के छह सत्रों के दौरान 19 CAG रिपोर्ट पेश की गईं। सभी रिपोर्टों को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी के समन्वय से एक्शन-टेकन रिपोर्ट के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया है।
विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और पिछले कार्यकाल से तुलना
गुप्ता ने बताया कि आठवीं विधानसभा ने 18 महीने से भी कम समय में छह सत्र आयोजित किए हैं, जबकि सातवें विधानसभा के पूरे पांच साल के कार्यकाल में केवल पांच सत्र आयोजित हुए थे। सत्र के दौरान कचरा निस्तारण और जलभराव से लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में राजनीतिक नेताओं की भूमिका तक के गंभीर विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही, दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए सर्वसम्मति से बधाई प्रस्ताव और स्थानीय त्रासदियों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई।