दिल्ली विधानसभा में Bhashini AI का पायलट ट्रायल शुरू, लाइव ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन की सुविधा

दिल्ली विधानसभा में सदन की कार्यवाही के लिए एक नई तकनीक की शुरुआत की गई है। 7 अगस्त को दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंदर गुप्ता ने सदन की कार्यवाही के दौरान Digital India Bhashini division के Artificial Intelligence (AI) आधारित लाइव ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन सिस्टम के पायलट ट्रायल की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीक का उपयोग करके विधायी कार्य में दक्षता, पारदर्शिता और उत्पादकता को बढ़ाने की क्षमता का मूल्यांकन करना है।
Bhashini AI प्लेटफॉर्म की जानकारी
विजेंदर गुप्ता ने बताया कि Bhashini को प्रधानमंत्री द्वारा जुलाई 2022 में गांधीनगर, गुजरात में Digital India Week के दौरान लॉन्च किया गया था, जो एक National Language Translation Mission है। इसका उद्देश्य हर नागरिक को उनकी पसंद की भारतीय भाषा में डिजिटल पब्लिक सर्विसेज और इंटरनेट तक आसान पहुंच प्रदान करना है। यह AI-powered प्लेटफॉर्म बहुभाषी शासन को मजबूत करने और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह भारत में किसी भी विधायी सदन में Bhashini के लाइव ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन सिस्टम की पहली प्रायोगिक तैनाती है, जो अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ भविष्य की कार्यवाही के लिए नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने की दिल्ली विधानसभा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पायलट ट्रायल और आगे की योजना
यह पायलट ट्रायल पूरी तरह से मूल्यांकन-आधारित होगा, जिसमें ट्रांसक्रिप्शन की गुणवत्ता और कुल सिस्टम प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा शामिल होगी। ट्रायल के दौरान सामने आने वाली सभी ऑब्जर्वेशन और तकनीकी चुनौतियों का समाधान किया जाएगा, और प्राप्त फीडबैक के आधार पर सिस्टम को दिल्ली विधानसभा की जरूरतों के अनुसार रिफाइन और कस्टमाइज किया जाएगा। गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि पायलट ट्रायल सफल साबित होता है, तो दिल्ली विधानसभा अपने काम करने के तरीकों को और अधिक आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए अपनी अन्य फंक्शनल शाखाओं में भी ऐसे ही AI-enabled समाधानों को अपनाने पर विचार करेगी।