दिल्ली विधानसभा में शुरू हुआ Bhashini AI लाइव ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन सिस्टम का ट्रायल

Kittu Kumari7 August 20262 min read39 viewsDelhi Local
दिल्ली विधानसभा में शुरू हुआ Bhashini AI लाइव ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन सिस्टम का ट्रायल

दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को हाउस की कार्यवाही के दौरान डिजिटल इंडिया Bhashini Division के Artificial Intelligence (AI)-based live transcription and translation system के पायलट ट्रायल की शुरुआत की घोषणा की गई। दिल्ली Assembly Speaker Vijender Gupta ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के उपयोग से विधायी कार्यों में कार्यकुशलता, पारदर्शिता और उत्पादकता को बढ़ाना है। इस खबर से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए Digital India की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

  • दिल्ली विधानसभा में Bhashini AI सिस्टम का पायलट ट्रायल शुरू हुआ।
  • यह पहल विधायी कार्यों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के लिए है।
  • यह देश के किसी भी विधायी सदन में इस सिस्टम का पहला प्रायोगिक deployment है।
  • Bhashini National Language Translation Mission की जानकारी

    Speaker Gupta ने विस्तार से बताया कि Bhashini को प्रधानमंत्री द्वारा जुलाई 2022 में गांधीनगर, गुजरात में Digital India Week के दौरान लॉन्च किया गया था, जो एक National Language Translation Mission है। इसका उद्देश्य हर नागरिक को उनकी पसंदीदा भारतीय भाषा में डिजिटल पब्लिक सर्विसेज और इंटरनेट तक आसान पहुंच प्रदान करना है। यह AI-powered प्लेटफॉर्म बहुभाषी गवर्नेंस को मजबूत करने और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है।

    देश में किसी विधायी सदन में पहला प्रायोगिक deployment

    Gupta ने इस बात पर प्रकाश डाला कि देश के किसी भी विधायी सदन में Bhashini के लाइव ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन सिस्टम का यह 첫 experimental deployment है। उन्होंने कहा कि यह पहल दिल्ली विधानसभा की नवीनता और अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिसका लक्ष्य भविष्य की सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाना है।

    पायलट ट्रायल का मूल्यांकन और भविष्य की योजनाएं

    यह पायलट ट्रायल पूरी तरह से मूल्यांकन-आधारित होगा, जिसमें ट्रांसक्रिप्शन की क्वालिटी और ओवरऑल सिस्टम परफॉर्मेंस की विस्तृत समीक्षा शामिल होगी। ट्रायल के दौरान सामने आने वाली सभी ऑब्जर्वेशन्स और टेक्निकल चुनौतियों का समाधान किया जाएगा, और मिलने वाले फीडबैक का उपयोग दिल्ली विधानसभा की आवश्यकताओं के अनुसार सिस्टम को और अधिक परिष्कृत और कस्टमाइज करने के लिए किया जाएगा। यदि पायलट ट्रायल सफल साबित होता है, तो दिल्ली विधानसभा अपने अन्य फंक्शनल ब्रांचेस में भी ऐसे ही AI-enabled solutions को अपनाने पर विचार करेगी ताकि अपने ऑपरेशंस को और आधुनिक व बेहतर बनाया जा सके।

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