दिल्ली में आशा कार्यकर्ताओं की बल्ले-बल्ले, मानदेय बढ़ाकर 6,000 रुपये किया

दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत त्यागराज स्टेडियम में आयोजित आशा कॉन्फ्रेंस के दौरान उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। सबसे बड़ी खुशखबरी उन आशा कार्यकर्ताओं के लिए आई है, जो घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाते हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली की 6,690 आशा कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय को 3,000 रुपये से बढ़ाकर अब दोगुना यानी 6,000 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से न केवल इन कार्यकर्ताओं को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि दिल्ली में होम-बेस्ड हेल्थकेयर सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक और स्क्रीनिंग पर जोर
कार्यक्रम के दौरान केवल मानदेय ही नहीं, बल्कि कई नई स्वास्थ्य सुविधाओं का भी शुभारंभ किया गया:
- अनमोल योजना का विस्तार: उपराज्यपाल संधू ने बताया कि इस योजना के विस्तार के बाद अब नवजात शिशुओं में 56 स्वास्थ्य स्थितियों की एडवांस स्क्रीनिंग की जाएगी, जिससे बीमारियों का समय पर पता लगाकर इलाज संभव हो सकेगा।
- SOTTO सेंटर की शुरुआत: जीबी पंत अस्पताल में SOTTO सेंटर स्थापित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य अंगदान और ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया में बेहतर तालमेल बिठाना है ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर मदद मिल सके।
- नर्सिंग होम मैनेजमेंट पोर्टल: नर्सिंग होम के कामकाज को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एक नया मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया सरल हो जाएगी।
उपराज्यपाल ने इन कदमों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन से जोड़ते हुए कहा कि तकनीक और मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण से ही दिल्ली को एक स्वस्थ और विकसित शहर बनाया जा सकता है।