दिल्ली की हवा में मामूली सुधार, AQI गिरकर 190 हुआ, अब 'Moderate' श्रेणी में पहुंचा शहर
दिल्ली की हवा में मामूली सुधार देखा गया है और AQI 190 पर आ गया है। जानें किन इलाकों में प्रदूषण अब भी 'खराब' श्रेणी में है।

राजधानी दिल्ली के लिए राहत की खबर है। शनिवार सुबह 8 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 190 दर्ज किया गया, जिससे शहर अब 'Moderate' (मध्यम) श्रेणी में आ गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार देखा गया है। इससे पहले शुक्रवार और गुरुवार को AQI क्रमशः 223 और 226 दर्ज किया गया था, जिसकी वजह से दिल्ली 'Poor' (खराब) श्रेणी में बनी हुई थी।
हालांकि, शहर के कुछ हिस्सों में प्रदूषण का स्तर अब भी चिंताजनक है। जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा 276 का AQI दर्ज किया गया, जबकि पंजाबी बाग (251), अलीपुर (258), रोहिणी (239) और बवाना (246) जैसे इलाकों में हवा की स्थिति अब भी 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है। इसके अलावा चांदनी चौक, आईआईटी दिल्ली और आर के पुरम जैसे क्षेत्रों में भी प्रदूषण का स्तर 200 के पार रहा। दूसरी ओर, आनंद विहार (175), आईजीआई एयरपोर्ट (174) और जेएनयू (179) जैसे इलाकों में हवा की स्थिति मध्यम रही। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी AQI 189 और 159 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
GRAP स्टेज-1 लागू, ट्रैफिक पुलिस ने कसी कमर
हवा की गिरती गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के स्टेज-1 को लागू कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य प्रदूषण को और अधिक बढ़ने से रोकना है। इसी सिलसिले में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक अंतर-राज्य समन्वय बैठक की, जिसमें कई कड़े उपायों पर चर्चा हुई।
- दिल्ली की सीमाओं पर प्रदूषण मानकों को पूरा न करने वाली बसों को डायवर्ट किया जाएगा।
- 1 नवंबर से 31 जनवरी तक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने जैसे नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
- वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्रों (PUC) की गहन जांच होगी।
- सड़कों पर उड़ने वाली धूल और निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय निवासियों ने भी इस बदलाव को महसूस किया है। कुछ लोगों का कहना है कि फिलहाल दृश्यता (visibility) बेहतर है और सांस लेने में ज्यादा दिक्कत नहीं हो रही है, हालांकि उन्हें डर है कि दिवाली के बाद पटाखों की वजह से प्रदूषण फिर से बढ़ सकता है।