दिल्ली में 50 साल पुराने DDA फ्लैट्स के लिए ऐतिहासिक रीडवलपमेंट पॉलिसी मंजूर, मास्टर प्लान-2047 को भी मिली हरी झंडी

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने 50 साल से अधिक पुराने DDA निर्मित दो मंजिला आवासीय यूनिट्स के पुनर्निर्माण और रीडवलपमेंट के लिए एक व्यापक पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। DDA बोर्ड ने 12 अगस्त 2026 को दिल्ली मास्टर प्लान-2047 के साथ इस पॉलिसी को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। यह फैसला DDA चेयरमैन और दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू की अध्यक्षता में लिया गया है। इसका उद्देश्य MPD-1962 के तहत विकसित नारायणा विहार जैसी योजनाओं के संरचनात्मक रूप से कमजोर DDA फ्लैटों को नया रूप देना है। यह पॉलिसी अब अंतिम मंजूरी और नोटिफिकेशन के लिए केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजी जाएगी।
- 50 साल पुराने DDA फ्लैट्स की रीडवलपमेंट पॉलिसी मंजूर।
- दिल्ली मास्टर प्लान-2047 को भी दी गई औपचारिक मंजूरी।
- यह फैसला DDA चेयरमैन और LG टी.एस. संधू की अध्यक्षता में लिया गया।
- पॉलिसी अब अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास जाएगी।
फ्लैट मालिकों को मिलेंगे खाली आवासीय भूखंडों जैसे अधिकार
नई पॉलिसी इन पुरानी DDA प्रॉपर्टी के मालिकों को खाली आवासीय भूखंडों (vacant residential plots) के बराबर रीडवलपमेंट के अधिकार देती है। पुनर्निर्माण लागू फ्लोर एरिया रेशियो (FAR), ग्राउंड कवरेज, ऊंचाई, फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी नियमों के अनुसार होगा। मालिक मौजूदा प्लॉट के आकार, मास्टर प्लान के प्रावधानों, स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट और यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लाइसेंस (UBBL) के अनुपालन में अपने घरों का पुनर्निर्माण कर सकेंगे। इसमें लागू कन्वर्जन फीस, एनहांस्ड लेवी और स्क्रूटनी चार्ज भी शामिल हैं।
बिल्डिंग अप्रूवल प्रक्रिया में किया गया सुधार
'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बेहतर बनाने के लिए DDA ने UBBL-2016 में संशोधनों को भी मंजूरी दी है, जिससे बिल्डिंग प्लान अप्रूवल प्रक्रिया आसान हो गई है। इन संशोधनों से दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, मुख्य कारखाना निरीक्षक, दिल्ली जल बोर्ड और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की पूर्व आवश्यकता को खत्म कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होगी। इसके अलावा, जुलाई 2026 में DDA ने नए रेनोवेशन नियम लागू किए थे, जिससे फ्लैट मालिकों को DDA या नगर निगम की पूर्व अनुमति के बिना बालकनी पैरापेट की ऊंचाई बढ़ाने या गैर-लोड-बेयरिंग दीवारों को हटाने जैसे छोटे बदलाव करने की अनुमति मिली थी। प्राधिकरण अपनी लीजहोल्ड-टू-फ्रीहोल्ड कन्वर्जन पॉलिसी की भी समीक्षा कर रहा है, जिसमें सभी पेंडिंग अनुरोध फिलहाल होल्ड पर हैं।