दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए सरकार का बड़ा एक्शन, BS6 गाड़ियों के बिना एंट्री बंद

सर्दियों के दस्तक देते ही राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए बेहद सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की नई योजना के तहत अब NDMC इलाके की उन ऊंची इमारतों (3,000 मीटर से अधिक) के लिए एंटी-स्मॉग गन या वॉटर मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही रोका जा सके। इसके साथ ही, बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए नियम और कड़े कर दिए गए हैं। 1 नवंबर से ऐसी कोई भी गाड़ी दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पाएगी जो BS6 उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करती। इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए दिल्ली के 126 बॉर्डर चेकपॉइंट्स पर पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें तैनात की गई हैं।
निर्माण कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध और कचरे की सफाई
प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन ने निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 1 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगा। इसके अलावा, 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिसके तहत बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने नगर निगम (MCD) को सख्त निर्देश दिए हैं कि 31 अक्टूबर तक सभी सड़कों से धूल, निर्माण मलबा और कचरा पूरी तरह साफ कर लिया जाए। इन सभी उपायों की समीक्षा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने की है, ताकि शहर के प्रदूषण हॉटस्पॉट्स को चिन्हित कर हवा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।