दिल्ली में प्रदूषण पर वार: AI से होगी निगरानी, बाहरी वाहनों की एंट्री बंद

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए AI निगरानी, वाहनों पर पाबंदी और वर्क फ्रॉम होम जैसे कड़े कदम उठाए हैं। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

Kittu Kumari1 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में प्रदूषण पर वार: AI से होगी निगरानी, बाहरी वाहनों की एंट्री बंद

सर्दियों के मौसम में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। 1 नवंबर 2026 से शहर में प्रदूषण नियंत्रण के कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने प्रदूषण के स्रोतों को रोकने के लिए तीन स्तरों वाली निगरानी रणनीति तैयार की है, जिसमें तकनीक का बड़ा हाथ होगा। अब शहर और उसके बॉर्डर चेकपोस्ट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स (ICCC) और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों के जरिए 24 घंटे नजर रखी जाएगी।

इन नियमों को सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और नगर निगमों की विशेष टीमों को सौंपी गई है।

वाहनों और निर्माण कार्यों पर लगी पाबंदी

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

प्रशासन ने 31 जनवरी 2027 तक कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लगाए हैं, जिनका पालन करना हर नागरिक के लिए अनिवार्य है:

  • बाहरी वाहनों पर रोक: दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड वे पेट्रोल और डीजल वाहन जो BS-VI मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें दिल्ली और NCR में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, CNG, इलेक्ट्रिक और इमरजेंसी वाहनों (जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस) को इससे छूट दी गई है।
  • PUC अनिवार्य: 'नो PUC, नो फ्यूल' का नियम सख्ती से लागू रहेगा। बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) के पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा।
  • वर्क फ्रॉम होम: प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है।
  • निर्माण कार्य बंद: जरूरी पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को छोड़कर, सभी तरह के बाहरी निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों पर 31 जनवरी तक रोक लगा दी गई है।
  • पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी: निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना कर दिया गया है, जो 28 फरवरी तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, DMRC द्वारा संचालित पार्किंग पर यह लागू नहीं होगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी नागरिकों, वाहन मालिकों और संस्था प्रमुखों से अपील की है कि वे इन नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें ताकि प्रदूषण को जड़ से कम किया जा सके और शहर की हवा को स्वच्छ बनाया जा सके।

Share:

Comments

Leave a comment