दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: अनमोल योजना का विस्तार और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय दोगुना

Kittu Kumari7 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: अनमोल योजना का विस्तार और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय दोगुना

दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने एक साथ कई बड़े ऐलान किए हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत त्यागराज स्टेडियम में आयोजित 'आशा सम्मेलन-2026' और 'आशा सम्मान समारोह' के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में कई नई पहल शुरू की गईं। इसमें सबसे खास कदम मिशन अनमोल (Advanced Newborn Monitoring and Optimal Lifecare) का विस्तार और अग्रिम पंक्ति की स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मानदेय में भारी बढ़ोतरी करना रहा है।

नवजात शिशुओं की सेहत पर विशेष जोर

सरकार ने मिशन अनमोल के दायरे को बढ़ाते हुए अब इसमें 63 जन्मजात स्वास्थ्य स्थितियों की स्क्रीनिंग शामिल की है, जो पहले केवल 56 थीं। मार्च 2026 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 75,000 से अधिक नवजात शिशुओं की जांच हो चुकी है, जिनमें से 700 से ज्यादा बच्चों को समय पर इलाज मिल सका है। सरकार का लक्ष्य अब सालाना 1.5 लाख के बजाय 2.5 लाख नवजात शिशुओं को इस दायरे में लाना है। खास बात यह है कि जन्म के 24 से 72 घंटों के भीतर यह स्क्रीनिंग पूरी तरह मुफ्त की जाएगी।

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स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के लिए भी खुशखबरी आई है। सरकार ने 6,690 आशा कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन राशि को 3,000 रुपये से बढ़ाकर अब 6,000 रुपये कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह मुद्दा पिछले एक दशक से लंबित था। उन्होंने पोषण, स्वच्छता और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इन कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवाओं को हर नागरिक तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता दोहराई और कार्यकर्ताओं के लिए एक विशेष नवरात्रि डांडिया कार्यक्रम की घोषणा भी की। इसके अलावा, जीबी पंत अस्पताल में स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTTO) की नई बिल्डिंग का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने खुद SOTTO पोर्टल पर पंजीकरण कराकर अंगदान की अपील की।

स्वास्थ्य ढांचे को डिजिटल बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए 'नर्सिंग होम मैनेजमेंट सिस्टम' पोर्टल लॉन्च किया गया है। अब निजी नर्सिंग होम के पंजीकरण और नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि इससे शहर का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और भी मजबूत होगा।

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