दिल्ली-आइज़वल इंडिगो फ्लाइट में मेडिकल इमरजेंसी, तीन डॉक्टरों ने बचाई यात्री की जान

दिल्ली से आइज़वल जा रही एक इंडिगो फ्लाइट में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक यात्री की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई। इस दिल्ली-आइज़वल इंडिगो फ्लाइट में सफर कर रहे एक यात्री का ऑक्सीजन लेवल गिरकर करीब 40% तक पहुंच गया, जिससे उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। ऐसी गंभीर स्थिति में विमान के अंदर मौजूद तीन डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से यात्री की जान बचा ली।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित यात्री क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से पीड़ित थे। उड़ान के दौरान अचानक उनकी स्थिति बिगड़ी और ऑक्सीजन लेवल काफी नीचे चला गया। विमान में मौजूद डॉ. विली लालह्रुइतलुअंगा, डॉ. एफ. रेमथांगपुई और डॉ. बेंजामिन खियांगते ने तुरंत मोर्चा संभाला। हालांकि, विमान में उपलब्ध मेडिकल किट और संसाधन सीमित थे, लेकिन इन डॉक्टरों ने हार नहीं मानी।
सीमित संसाधनों के बीच जान बचाने की जंग
डॉक्टरों ने उपलब्ध ऑक्सीजन सप्लाई का इस्तेमाल किया, जो केवल चार लीटर प्रति मिनट तक सीमित थी। इसके साथ ही उन्होंने इनहेलर्स और स्टेरॉयड ट्रीटमेंट की मदद से यात्री की स्थिति को स्थिर करने की कोशिश की। डॉक्टरों की इस मेहनत और समय पर किए गए इलाज का नतीजा यह रहा कि यात्री की हालत स्थिर हो गई और वे सुरक्षित रूप से आइज़वल पहुंच सके।
जैसे ही फ्लाइट आइज़वल एयरपोर्ट पर लैंड हुई, यात्री को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज और डायलिसिस शुरू किया गया। अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस पूरी घटना के बाद डॉक्टरों ने व्यावसायिक उड़ानों में बेहतर मेडिकल किट की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हवाई अड्डों पर एम्बुलेंस की तैयारी और इमरजेंसी ट्रांसफर की व्यवस्था और अधिक मजबूत होनी चाहिए ताकि समय पर मदद मिल सके।