दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने घोषणा की है कि दिल्ली एयरपोर्ट का तीसरा रनवे (11R/29L) सात महीने की मरम्मत और अपग्रेड परियोजना के बाद 20 सितंबर 2026 को फिर से शुरू हो गया है। इस पुनर्निर्माण परियोजना की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी, जिसका उद्देश्य परिचालन सुरक्षा, दक्षता और दीर्घकालिक क्षमता को बढ़ाना था। इस पहल में डायल, जीएमआर ग्रुप, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, डीजीसीए और एटीसी जैसे प्रमुख हितधारक शामिल थे।
इस अपग्रेड परियोजना में रनवे की री-सरफेसिंग, पेवमेंट को मजबूत करना और रनवे 29L के लिए परमानेंट थ्रेशोल्ड को विस्थापित करना शामिल है। उतरने के बाद विमानों की तेज निकासी के लिए एक नया रैपिड एग्जिट टैक्सीवे (RET Z1) भी बनाया गया है। इसके साथ ही एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम और संबंधित बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह से अपग्रेड किया गया है। डायल के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार (जिसे रिपोर्टों में प्रदीप पणिकर भी कहा गया है) ने कहा कि रनवे का फिर से खुलना भविष्य के लिए तैयार विमानन बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
इन सुधारों से विमानों की आवाजाही को अनुकूल बनाने, रनवे पर कब्जा करने के समय को कम करने और हर तरह के मौसम में परिचालन विश्वसनीयता में सुधार करने की उम्मीद है। ये सुधार 2032 तक दिल्ली एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता को 106 मिलियन से बढ़ाकर 125 मिलियन करने के रणनीतिक लक्ष्य के केंद्र में हैं।