दिल्ली एयरपोर्ट का तीसरा रनवे 20 सितंबर से फिर होगा शुरू, जानिए क्या हुआ बदलाव

नई दिल्ली। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने शनिवार को घोषणा की कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट का तीसरा रनवे, जिसे रनवे 11R/29L के रूप में जाना जाता है, 20 सितंबर को परिचालन के लिए फिर से शुरू होगा। यह घोषणा इसके व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम के सफल पूरा होने और सभी आवश्यक विनियामक अनुमोदन प्राप्त होने के बाद की गई है। इस पुनर्वास परियोजना की शुरुआत फरवरी में हुई थी। इसमें भारत के सबसे व्यस्त विमानन गेटवे में से एक पर परिचालन सुरक्षा, दक्षता, लचीलेपन और दीर्घकालिक क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक मजबूती और उन्नयन कार्य शामिल थे। आवश्यक निरीक्षण, सत्यापन और विनियामकियर क्लीयरेंस से गुजरने के बाद उन्नत रनवे अब परिचालन उपयोग के लिए तैयार है।
बुनियादी ढांचे में किए गए प्रमुख सुधार
पुनर्वास कार्यक्रम के एक हिस्से के रूप में, DIAL ने प्रमुख एयरसाइड बुनियादी ढांचे के संवर्द्धन को पूरा किया। इसमें रनवे की दोबारा सतह बिछाना, रनवे 29L का स्थायी थ्रेशोल्ड विस्थापन, एक नए रैपिड एग्जिट टैक्सीवे (RET Z1) का निर्माण, एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम का उन्नयन, पेवमेंट को मजबूत करने के काम और संबंधित सिविल तथा इलेक्ट्रिकल बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल हैं। इन संवर्द्धनों से रनवे की दक्षता में सुधार होने, विमानों की आवाजाही को अनुकूलित करने, रनवे ऑक्यूपेंसी टाइम को कम करने और विभिन्न मौसम स्थितियों के दौरान परिचालन विश्वसनीयता को और मजबूत करने की उम्मीद है।
अधिकारियों के बयान और नियामक मंजूरी
DIAL ने परियोजना के दौरान सभी सुरक्षा, परिचालन और विनियामक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC), एयरलाइंस और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम किया। निर्धारित प्रक्रियाओं के सफल समापन के बाद, 20 सितंबर से रनवे पर परिचालन फिर से शुरू करने के लिए अनुमोदन प्राप्त हो गए हैं। इस अवसर पर बोलते हुए, DIAL के सीईओ प्रदीप पनिकर ने कहा कि रनवे 11R/29L का पुन: चालू होना भविष्य के लिए तैयार विमानन बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिल्ली एयरपोर्ट की निरंतर यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने आगे कहा कि उन्नत रनवे, नए रैपिड एग्जिट टैक्सीवे और उन्नत नेविगेशन तथा प्रकाश प्रणालियों के साथ, देश की बढ़ती विमानन जरूरतों का समर्थन करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट की क्षमता और लचीलेपन को और मजबूत करेगा।