दिल्ली एयरपोर्ट काउंटर पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, स्टाफ के बयान पर मचा बवाल
दिल्ली एयरपोर्ट के काउंटर पर कर्मचारी के बयान के बाद भारी हंगामा हुआ। जानें विमानन मंत्रालय अब सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रहा है।

देश की राजधानी के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। एयरपोर्ट के एक काउंटर पर कर्मचारी द्वारा दिए गए एक बयान के बाद मामला इतना बढ़ गया कि वहां हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह किस एयरलाइन का काउंटर था या किस कर्मचारी की बात पर विवाद शुरू हुआ, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर इस तरह की अशांति की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले अक्टूबर 2026 में भी एक बड़ा हंगामा हुआ था, जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके और उनके साथियों सौरभ दास व आशुतोष रंका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। उस दौरान विमान के भीतर हुए हंगामे को डिपके ने लाइव स्ट्रीम किया था, जिसके बाद यात्रियों और उनके बीच तीखी बहस हुई थी।
बढ़ते विवादों के बीच सरकार सख्त
एयरपोर्ट्स पर बढ़ती बदसलूकी और हंगामे की घटनाओं को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय अब कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहा है। केंद्रीय विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने ग्राउंड स्टाफ की सुरक्षा के लिए एक पैनल गठित किया है। इस पैनल की समीक्षा में कुछ कड़े प्रस्ताव शामिल हैं, जैसे:
- एयरपोर्ट कर्मियों की वीडियो रिकॉर्डिंग पर प्रतिबंध लगाने की संभावना।
- ग्राउंड स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार करने वाले यात्रियों को 'नो-फ्लाई लिस्ट' (प्रतिबंध सूची) में शामिल करना।
- यात्री अधिकारों और कर्मचारियों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने के लिए नए प्रोटोकॉल तैयार करना।
दूसरी ओर, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने कर्मचारियों के लिए आचार संहिता लागू की है, ताकि वे पेशेवर व्यवहार बनाए रखें और किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें जिससे संगठन की छवि खराब हो। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पालम सब-डिवीजन के एसीपी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत सुरक्षा निर्देश भी लागू किए हैं, ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके। प्रशासन अब यात्रियों के व्यवहार पर कड़ी नजर रख रहा है ताकि भविष्य में उड़ानों और एयरपोर्ट ऑपरेशन्स में कोई बाधा न आए।