दिल्ली एयरपोर्ट का मेगा विस्तार: 2029 तक 125 मिलियन यात्रियों की क्षमता का लक्ष्य

राजधानी दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट जल्द ही एक नए और विशाल स्वरूप में नजर आएगा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने एक महत्वाकांक्षी 10 साल का मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसका मकसद एयरपोर्ट की यात्री संभालने की क्षमता को मौजूदा 106 मिलियन से बढ़ाकर 2029 तक 125 मिलियन करना है। इस पूरी विस्तार योजना पर करीब 7,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, ताकि भविष्य में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को आसानी से मैनेज किया जा सके।
इस योजना के तहत अलग-अलग टर्मिनल्स पर बड़े बदलाव किए जाएंगे। टर्मिनल 1 (T1) की क्षमता को 42 मिलियन से बढ़ाकर 45 मिलियन किया जाएगा, जिसके लिए तीन नए बस गेट जोड़े जाएंगे। वहीं, टर्मिनल 3 (T3) में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जहां क्षमता 50 मिलियन से बढ़ाकर 66 मिलियन करने का लक्ष्य है। इसके लिए 2,500 करोड़ रुपये की लागत से 'पियर ई' (Pier E) का निर्माण किया जाएगा, जो सालाना 10 मिलियन अतिरिक्त यात्रियों को संभालने में मदद करेगा। टर्मिनल 2 (T2) की क्षमता 14 मिलियन ही रहेगी, लेकिन इसे शॉर्ट-टर्म इंटरनेशनल टर्मिनल के रूप में इस्तेमाल करने पर विचार किया जा रहा है।
एयरपोर्ट पर दौड़ेगी ड्राइवरलेस एयर ट्रेन
यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए एयरपोर्ट अब 3,500 करोड़ रुपये की लागत से एक ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) यानी ड्राइवरलेस एयर ट्रेन चलाने जा रहा है। यह 7.3 किलोमीटर लंबा ट्रांजिट सिस्टम होगा, जो छह स्टेशनों के जरिए T1, T2, T3, एरोसिटी और कार्गो सिटी को आपस में जोड़ेगा। दिसंबर 2030 तक पूरा होने वाली इस ट्रेन से T1 और T3 के बीच की दूरी महज 13 मिनट में तय हो जाएगी। खास बात यह है कि यह सिस्टम दिल्ली मेट्रो से भी जुड़ा होगा और ट्रांजिट यात्रियों के लिए यह सेवा मुफ्त रहने की उम्मीद है।
इसके अलावा, हवाई यातायात को सुगम बनाने के लिए एयरक्राफ्ट पार्किंग स्टैंड्स की संख्या 230 से बढ़ाकर 270 की जाएगी। चेक-इन काउंटरों और सुरक्षा ढांचे को भी अपग्रेड किया जाएगा। अनुमान है कि अगले साल की गर्मियों तक रोजाना फ्लाइट्स की आवाजाही 1,450 से बढ़कर 1,700 हो जाएगी। DIAL के सीईओ प्रदीप पणिक्कर ने बताया कि इन योजनाओं को सरकार के पास मंजूरी और परामर्श के लिए भेज दिया गया है। साथ ही, केंद्र सरकार ने एरोसिटी से T1 तक एक मेट्रो कॉरिडोर के लिए 1,419 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दे दी है।