दिल्ली की हवा में मामूली सुधार, लेकिन यमुना में फिर लौटा जहरीला सफेद झाग
दिल्ली की हवा में मामूली सुधार के साथ AQI 168 रहा, लेकिन कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी में फिर से जहरीला सफेद झाग देखा गया।

देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों पर्यावरण को लेकर मिली-जुली तस्वीर सामने आ रही है। एक तरफ जहां हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है, वहीं दूसरी तरफ यमुना नदी में फिर से जहरीले सफेद झाग की चादर बिछ गई है, जो शहर की गंभीर प्रदूषण चुनौतियों को उजागर करती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह 8 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 168 दर्ज किया गया, जो 'moderate' यानी मध्यम श्रेणी में आता है। सोमवार सुबह यह आंकड़ा 164 था। हालांकि समग्र स्तर पर सुधार दिख रहा है, लेकिन शहर के कई इलाके अब भी 'खराब' श्रेणी में हैं। जहांगीरपुरी में AQI 251 तक पहुंच गया, जबकि रोहिणी, पंजाबी बाग, बवाना, आर के पुरम और द्वारका जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर 200 के पार रहा। वहीं आनंद विहार, चांदनी चौक और जेएनयू जैसे क्षेत्रों में हवा की स्थिति मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। धूल के कणों को नियंत्रित करने के लिए सड़कों पर एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
कालिंदी कुंज में यमुना की डराने वाली तस्वीर
हवा में मामूली राहत के बीच यमुना नदी की स्थिति ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। कालिंदी कुंज के पास नदी की सतह पर भारी मात्रा में जहरीला सफेद झाग तैरता हुआ देखा गया है। नदी का नजारा ऐसा है मानो पानी पर सफेद बर्फ की चादर बिछी हो, जो वास्तव में खतरनाक रसायनों और प्रदूषण का परिणाम है। यह स्थिति तब सामने आई है जब हाल ही में दिल्ली सरकार ने नदी के पुनरुद्धार के लिए लगभग 9,000 करोड़ रुपये की बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया था और इसे शहरवासियों के लिए एक खुशी का दिन बताया था।
दिल्ली के अलावा एनसीआर के अन्य इलाकों की बात करें तो नोएडा और ग्रेटर नोएडा में AQI क्रमशः 143 और 156 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है। वहीं मुंबई की हवा काफी बेहतर रही, जहां औसत AQI 98 दर्ज किया गया, जिसे 'संतोषजनक' श्रेणी में रखा गया है।