दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, पराली जलाने की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

Kittu Kumari19 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, पराली जलाने की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर दिल्ली वायु गुणवत्ता का स्तर गिर गया है, जिससे आम लोगों का दम घुटने लगा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले छह दिनों तक शहर की हवा 'खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है। रविवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 187 दर्ज किया गया, जो पिछले शुक्रवार के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। सोमवार सुबह 5:45 बजे तक यह औसत 145 रहा, लेकिन शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्थिति काफी गंभीर है।

प्रदूषण का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे NCR में देखा जा रहा है। रविवार शाम तक दिल्ली के 58 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 23 पर AQI 200 के पार चला गया, जबकि ITO स्टेशन पर यह खतरनाक स्तर 430 तक पहुंच गया। वहीं, ग्रेटर नोएडा में AQI 304, गाजियाबाद में 213 और नोएडा में 170 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की धीमी गति और बारिश की कमी जैसे स्थानीय कारणों के साथ-साथ अब पराली जलाने की घटनाएं मुख्य चिंता का विषय बन रही हैं।

पराली और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से बढ़ रहा खतरा

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डेटा के अनुसार, फिलहाल दिल्ली के प्रदूषण में पराली का योगदान केवल 0.2% है, लेकिन IITM पुणे के अनुमान बताते हैं कि बुधवार तक यह बढ़कर 12% तक पहुंच सकता है। पंजाब में कृषि अवशेषों को जलाने की घटनाओं में अचानक उछाल आया है, जहाँ पिछले 24 घंटों में 51 मामले सामने आए हैं, जो इस सीजन का सबसे उच्चतम आंकड़ा है। हालांकि, PM2.5 स्तर में सबसे बड़ा योगदान अभी भी ट्रांसपोर्ट सेक्टर का है, जिसकी हिस्सेदारी 23.2% है। इसके बाद गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद का नंबर आता है।

प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार और CAQM एक्शन मोड में हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने फार्म फायर की निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं। हालिया कार्रवाई में 124 निरीक्षणों के दौरान 55 उल्लंघन पाए गए, जिसके बाद तीन औद्योगिक इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया गया। साथ ही, MCD, BSES और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर सादतपुर और करावल नगर में आठ प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को सील कर उनकी बिजली काट दी है।

दिल्ली सरकार का दावा है कि 2016 के बाद से इस साल शहर की हवा सबसे बेहतर रही है, क्योंकि 17 अक्टूबर तक 211 दिन 'अच्छी' से 'मध्यम' श्रेणी में रहे। वर्तमान स्थिति को देखते हुए सड़कों की मशीनीकृत सफाई, पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल जारी है। इसके अलावा, 1 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर सख्त नियम लागू होंगे, जिसके तहत केवल इलेक्ट्रिक (EV), CNG या BS-VI डीजल कमर्शियल वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा, जबकि BS-IV वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

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